जरुरी जानकारी | विदेशों में गिरावट से सोयाबीन, पामोलिन में नरमी, सरसों में मांग निकलने से मजबूती

नयी दिल्ली, 22 सितंबर मलेशिया और अमेरिका के शिकागो बाजारों में खाद्य तेल के दाम लगातार तीसरे दिन एक से डेढ़ प्रतिशत तक नीचे बोले गये। इससे घरेलू बाजार में मंगलवार को सोयाबीन, पामोलिन, मूंगफली और बिनौला तेलों में 50 से 120 रुपये क्विंटल तक गिरावट रही। लेकिन पश्चिम बंगाल, उत्तर प्रदेश में मांग निकलने से सरसों तेल 50 रुपये ऊंचा बोला गया।

बाजार सूत्रों के अनुसार सरकारी एजेंसी नैफेड ने राजस्थान के लिये 5,113 रुपये और हरियाणा के रेवाड़ी में 5,042 रुपये क्विंटल के भाव सरसों के टेंडर छोड़े। अन्य को निरस्त कर दिया गया। एजेंसी फिलहाल स्टॉक बचाकर रखना चाहती है क्योंकि आने वाले समय बाजार में संतुलन बनाये रखने की जरूरत है।

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कोरोना वायरस महामारी के बाद लोगों में स्वास्थ्य के प्रति जागरूकता बढ़ी है। सरसों तेल के प्रति लोगों का रुझान बढ़ा है। इसलिये इसकी मांग धीरे धीरे बढ़ रही है। नवरात्री के लिये पश्चिम बंगाल और उत्तर प्रदेश से भी सरसों की मांग है। यही वजह है कि तेल सरसों मिल डिलिवरी दादरी का भाव 50 रुपये बढकर 10,850 रुपये क्विंटल हो गया।

दूसरी तरफ विदेशों में भाव गिरने से मूंगफली तेल 50 रुपये घटकर 12,650 रुपये, सोयाबीन तेल मिल डिलिवरी दिल्ली 80 रुपये गिरकर 10,000 रुपये, सोयाबीन तेल डीगम का भाव 120 रुपये घटकर 8,850 रुपये क्विंटल रह गया। वहीं, कच्चा पॉम तेल एक्स कांडला भाव 150 रुपये गिरकर 7,900 रुपये पर आ गया।

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बाजार सूत्रों का कहना है कि विदेशों से बेपड़ता आयात का खेल बदस्तूर जारी है। कांडला पर आयातित कच्चा पॉम तेल 8,850 रुपये पड़ता है जबकि इसका घरेलू बाजार के लिये एक्स कांडला भाव 7,900 रुपये क्विंटल बोला जा रहा है। वहीं वायदा बाजार में अक्टूबर डिलिवरी के लिये 7,930 रुपये का भाव है।

इसी प्रकार सोयाबीन डीगम का कांडला पर आयातित भाव 9,350 रुपये क्विंटल पड़ता है जबकि घरेलू बाजार के लिये एक्स कांडला भाव 8,850 रुपये क्विंटल बोला जा रहा है, वहीं हाजिर बाजार में सोयाबीन रिफाइंड तेल 9,300 रुपये बोला जा रहा है।

सूत्रों का कहना है कि खाद्य तेलों के बेपड़ता आयात के खेल को समझना उनकी समझ से बाहर की बात है। कुछ जानकारों का कहना है कि यह पूरा मामला बैंकों को अंधेरे में रखकर किया जा रहा है। रिण साख पत्र को चलायमान बनाये रखने के लिये नुकसान होने के बावजूद आयात किया जा रहा है। जिस देश में खाद्य तेलों का उत्पादन उनकी कुल मांग से कम होता है वहां वायदा बाजार में भाव नीचे चलना, बेपड़ता आयात होना यह बाजार में मांग और आपूर्ति के गणित पर फिट नहीं बैठता है। सरकार को इस तरफ ध्यान देना चाहिये।

बाजार में थोक भाव इस प्रकार रहे- (भाव- रुपये प्रति क्विंटल)

सरसों तिलहन - 5,450 - 5,500 (42 प्रतिशत कंडीशन का भाव) रुपये।

मूंगफली दाना - 4,890- 4,940 रुपये।

मूंगफली तेल मिल डिलिवरी (गुजरात)- 12,650 रुपये।

मूंगफली साल्वेंट रिफाइंड तेल 1,870 - 1,930 रुपये प्रति टिन।

सरसों तेल दादरी- 10,850 रुपये प्रति क्विंटल।

सरसों पक्की घानी- 1,685 - 1,835 रुपये प्रति टिन।

सरसों कच्ची घानी- 1,805 - 1,925 रुपये प्रति टिन।

तिल मिल डिलिवरी तेल- 11,000 - 15,000 रुपये।

सोयाबीन तेल मिल डिलिवरी दिल्ली- 10,000 रुपये।

सोयाबीन मिल डिलिवरी इंदौर- 9,820 रुपये।

सोयाबीन तेल डीगम- 8,850 रुपये।

सीपीओ एक्स-कांडला- 7,900 रुपये।

बिनौला मिल डिलिवरी (हरियाणा)- 9,400 रुपये।

पामोलीन आरबीडी दिल्ली- 9,450 रुपये।

पामोलीन कांडला- 8,650 रुपये (बिना जीएसटी के)।

सोयाबीन तिलहन मिल डिलिवरी भाव 3,770- 3,795 लूज में 3,620 -- 3,670 रुपये।

मक्का खल (सरिस्का) - 3,500 रुपये

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