देश की खबरें | एसकेएम ने 26 जनवरी की घटनाओं के संबंध में किसानों को नोटिस जारी करने पर दिल्ली पुलिस की आलोचना की

नयी दिल्ली, एक सितंबर केंद्र के तीन कृषि कानूनों के खिलाफ आंदोलन कर रहे संयुक्त किसान मोर्चा (एसकेएम) ने 26 जनवरी की घटना से संबंधित मामलों की जांच में शामिल होने के लिए किसानों को नोटिस जारी किए जाने को लेकर बुधवार को दिल्ली पुलिस पर निशाना साधा।

हालांकि पुलिस ने कहा कि किसी भी जांच के सामान्य क्रम में इस तरह के नोटिस अपराध प्रक्रिया संहिता (सीआरपीसी) की संबंधित धाराओं के तहत जारी किए जाते हैं। दिल्ली पुलिस के एक वरिष्ठ अधिकारी ने कहा, "मामले में हमारी जांच के तहत नोटिस जारी किए गए हैं।"

एसकेएम के कानूनी प्रकोष्ठ द्वारा जारी एक बयान में 26 जनवरी की घटना से संबंधित मामलों में जांच में शामिल होने के लिए किसानों को सीआरपीसी की धारा 160 के तहत नोटिस जारी करने के दिल्ली पुलिस के कदम की "कड़ी निंदा" की गई है।

एसकेएम के अनुसार, पंजाब के जालंधर और फरीदकोट जिलों के किसान करणप्रीत सिंह और मनिंदरजीत सिंह को नोटिस जारी किए गए हैं तथा उन्हें जांच के उद्देश्य से संबंधित थाने में तीन सितंबर को पेश होने के लिए कहा गया है।

इसमें कहा गया है कि इस तरह का एक अन्य नोटिस पंजाब एवं हरियाणा उच्च न्यायालय के वकील तथा उच्च न्यायालय बार एसोसिएशन के पूर्व सचिव सुरजीत सिंह स्वैच को भी जारी किया गया है।

कानूनी पैनल के संयोजक प्रेम सिंह भंगू ने एक बयान में आरोप लगाया, "दिल्ली पुलिस केंद्र सरकार के इशारे पर इस प्रकार के असंवैधानिक और अवैध कार्य कर रही है क्योंकि जिन किसानों को नोटिस जारी किए गए हैं, उनके नाम प्राथमिकी में नहीं हैं और न ही उन्होंने किसी हिंसक गतिविधि में भाग लिया है।"

एसकेएम ने किसानों को जांच अधिकारियों के सामने पेश नहीं होने का निर्देश दिया और पुलिस पर उन्हें मामलों में "झूठा फंसाने" का आरोप लगाया।

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