नयी दिल्ली, चार मार्च संयुक्त किसान मोर्चा (एसकेएम) ने चंडीगढ़ में किसानों के प्रस्तावित प्रदर्शन से पहले राज्य पुलिस द्वारा मंगलवार सुबह कई किसान नेताओं को हिरासत में लेने और उन्हें नजरबंद करने की कार्रवाई के लिए पंजाब सरकार और मुख्यमंत्री भगवंत मान की आलोचना की।
एसकेएम ने एक बयान में कहा कि उन्होंने सोमवार को मान के साथ बैठक की थी, लेकिन मुख्यमंत्री ने किसानों और उनकी मांगों को सुनने के बजाय उन्हें विरोध प्रदर्शन खत्म करने के लिए कहा।
इसमें कहा गया कि एसकेएम नेताओं ने किसानों के अधिकारों के लिए केंद्र सरकार के खिलाफ लंबे समय जारी प्रदर्शन की आवश्यकता को समझाया, लेकिन मुख्यमंत्री भड़क गए और बैठक छोड़कर चले गए।
एसकेएम ने इस कार्रवाई की निंदा करते हुए पंजाब भर के किसानों से चंडीगढ़ में सप्ताह भर आयोजित होने वाले प्रदर्शन में शामिल होने और गांवों में व्यापक अभियान संचालित करने की अपील की है।
इसमें कहा गया, ‘‘एसकेएम पंजाब की भगवंत सिंह मान सरकार द्वारा किसानों के शांतिपूर्ण विरोध के लोकतांत्रिक अधिकारों को दबाने के तानाशाही पूर्ण कदम का कड़ा विरोध करता है। संघर्ष पथ पर चल रहे सभी किसान संगठनों के साथ चर्चा करके किसानों के वास्तविक संघर्ष का समाधान निकालने के लिए केंद्र सरकार पर दबाव बनाने के बजाय किसान नेताओं को दबाने और धमकाने के लिए आधी रात को उनके घरों में पुलिस को भेज देने का अपमानजनक रास्ता अपनाना राजनीतिक रूप से गलत और बेहद दुर्भाग्यपूर्ण है। ’’
एसकेएम ने मांग की कि पुलिस हिरासत में लिए गए किसान नेताओं को तुरंत रिहा किया जाना चाहिए। इनमें 80 वर्षीय बलबीर सिंह राजेवाल भी शामिल हैं।
इसने कहा, ‘‘नागरिकों के शांतिपूर्ण विरोध के अधिकार का सम्मान करें और किसानों की वास्तविक और लंबे समय से लंबित मांगों का समर्थन करें...’’
एसकेएम ने कहा कि चंडीगढ़ में एसकेएम के प्रतिनिधिमंडल के साथ सोमवार को हुई चर्चा में मुख्यमंत्री व्यक्तिगत रूप से उपस्थित थे और किसान नेताओं ने कृषि विपणन पर राष्ट्रीय नीति रूपरेखा के खिलाफ राज्य विधानसभा में पारित निरसन प्रस्ताव के लिए उन्हें बधाई भी दी थी।
एसकेएम ने एक बयान जारी कर दावा किया कि पुलिस ने बलबीर सिंह राजेवाल, रुल्दू सिंह मनसा, गुरुमीत सिंह भाटीवाल, नछत्तर सिंह जैतों, वीरपाल सिंह ढिल्लों, बिंदर सिंह गोलेवाल, गुरनाम भीखी और हरमेश सिंह ढेसी सहित कई नेताओं को हिरासत में ले लिया है।
एसकेएम ने कहा, ‘‘जोगिंदर सिंह उग्राहां, रमिंदर सिंह पटियाला, बूटा सिंह बुर्जगिल, हरिंदर सिंह लाखोवाल, सतनाम सिंह अजनाला, गुरमीत सिंह मेहमा और राजिंदर सिंह दीप सिंह वाला सहित कई किसान नेताओं के घरों पर पुलिस ने छापेमारी की है।’’
लुधियाना में एसकेएम नेताओं हरजीत सिंह ग्यासपुरा, बलवंत सिंह खिरनिया, अवतार सिंह महलो, मनमोहन सिंह देओल और दिलबाग सिंह को कथित तौर पर हिरासत में लिया गया है।
इसने कहा, ‘‘राज्य सरकार द्वारा प्रदर्शित दमनकारी रवैया और अहंकार अत्यंत निंदनीय है और लोकतंत्र का सम्मान करने वाली निर्वाचित सरकार से इसकी अपेक्षा नहीं की जाती है। शांतिपूर्ण प्रदर्शन का अधिकार नागरिकों का मौलिक अधिकार है और राज्य सरकार द्वारा प्रदर्शन की अनुमति न देने का तानाशाही रवैया पंजाब के लोगों द्वारा कभी बर्दाश्त नहीं किया जाएगा।’’
इस बीच, चंडीगढ़ पुलिस ने एक परामर्श जारी कर कहा कि वाहनों का सुचारू आवागमन और लोगों की सुरक्षा सुनिश्चित करने के लिए बुधवार को कुछ सड़कों पर यातायात नियंत्रित किया जा सकता है।
पुलिस ने परामर्श जारी कर कहा कि जीरकपुर बैरियर, फैदान बैरियर, सेक्टर 48/49 की विभाजन सड़क, सेक्टर 49/50, सेक्टर 50/51 (जेल रोड), सेक्टर 51/52 (मटौर बैरियर), सेक्टर 52/53 (कजहेड़ी चौक), सेक्टर 53/54 (फर्नीचर मार्केट), सेक्टर 54/55 (बधेड़ी बैरियर), सेक्टर 55/56 (पलसोरा बैरियर), नया गांव बैरियर और मुल्लांपुर बैरियर पर यातायात प्रभावित हो सकता है।
इसमें कहा गया कि लोगों को किसी भी भीड़भाड़ या असुविधा से बचने के लिए वैकल्पिक मार्ग अपनाने की सलाह दी जाती है।
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