चंडीगढ़, पांच जुलाई शिअद ने रविवार को पंजाब के मुख्यमंत्री अमरिंदर सिंह से कहा कि वह विभाजनकारी नीतियां अपनाना बंद करें और झूठ बोलने के बजाए लोगों को अपनी असफलताओं के बारे में बताएं।
हाल ही में केन्द्र ने तीन अध्यादेश... कृषि उत्पाद व्यापार और वाणिज्य (संवर्द्धन और सरलीकरण) अध्यादेश, किसान (सशक्तिकरण और संरक्षण) मूल्य बीमा समझौता और कृषि सेवा अध्यादेश पारित किए हैं।
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शिरोमणि अकाली दल (शिअद) की टिप्पणी आने से एक दिन पहले मुख्यमंत्री ने विपक्ष पर आरोप लगाया था कि वह ‘‘कृषि विरोधी’’ अध्यादेशों का साथ देकर राज्य के हितों को बेच रही है और किसान समुदाय को बर्बाद कर रही है।
शिअद के वरिष्ठ नेता दलजीत सिंह चीमा ने सिंह से अपील की कि पंजाबियों के हित में अध्यादेशों पर राजनीति ‘‘बंद’’ करें।
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मुख्यमंत्री से किसानों और किसान यूनियनों को पूरी सच्चाई बताने को कहते हुए चीमा ने कहा ‘‘क्या यह तथ्य सही नहीं है कि आपने एपीएमसी (कृषि उत्पाद विपणन समितियां)कानून में 2017 में संशोधन किया, ताकि इन अध्यादेशों में कही गई बातों जैसे निजी यार्ड, प्रत्यक्ष विपणन और ई-व्यापार को उसमें शामिल किया जा सके।’’
उन्होंने कहा कि राज्य ने ना सिर्फ एपीएमसी में संशोधन किया है बल्कि कृषि पर आए अध्यादेशों की सलाह प्रक्रिया में भाग भी लिया है।
चीमा ने आरोप लगाया, ‘‘अब ये सब करके मुख्यमंत्री आम आदमी पार्टी के साथ मिलकर तुच्छ राजनीतिक लाभ के लिए किसानों और किसान यूनियनों को भ्रमित कर रहे हैं।’’
शिअद नेता ने कहा कि ऐसे हालात में सिंह द्वारा किसानों को भड़काने की कोशिश गलत है।
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