देश की खबरें | केंद्र से समान नागरिक संहिता लागू करने की मांग को लेकर हरिद्वार में संतों का सांकेतिक उपवास

हरिद्वार, सात अगस्त केंद्र सरकार से समान नागरिक संहिता जल्द लागू करने की मांग को लेकर संतों ने यहां एक दिवसीय सांकेतिक उपवास किया।

यहां हर की पौड़ी पर सांकेतिक उपवास के दौरान संतों ने कहा कि जिस तरह से उत्तराखंड सरकार द्वारा समान नागरिकता संहिता कानून का मसौदा तैयार किया जा चुका है, उसी की तर्ज पर केंद्र सरकार भी इस कानून को बनाए और देश में लागू करे।

पिछले वर्ष विधानसभा चुनाव के दौरान भाजपा ने सत्ता में दोबारा आने पर समान नागरिक संहिता लागू करने का वादा किया था और उसी क्रम में एक विशेषज्ञ समिति से इसका मसौदा तैयार करवाया जा चुका है। उत्तराखंड के मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी कह चुके हैं कि मसौदा मिलने के बाद प्रदेश में जल्द ही समान नागरिक संहिता कानून को लागू किया जाएगा ।

श्री महापंचायती बड़ा उदासीन अखाड़े के महामंडलेश्वर स्वामी रूपेंद्र प्रकाश ने कहा कि समान नागरिक संहिता कानून के लिए उत्तराखंड सरकार द्वारा पहल की गई है जिसका सभी अखाड़ों से जुड़े साधु—संतों ने समर्थन किया है ।

उन्होंने कहा, ‘‘हम उत्तराखंड के मुख्यमंत्री का धन्यवाद देते हैं कि वह समान नागरिक संहिता कानून बनाने वाला पहला राज्य बन रहा है। हम देश के प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी और गृह मंत्री अमित शाह से भी निवेदन करते हैं कि पूरे देश में भी जल्द समान नागरिक संहिता कानून बनाया जाए।’’

जूना अखाड़े के महामंडलेश्वर स्वामी यतीन्द्रानन्द गिरी ने कहा कि ‘‘धर्मनगरी हरिद्वार विश्व की सांस्कृतिक राजधानी है, जहां से साधु-संतों ने यह संदेश दिया है कि सब लोगों में समान नागरिकता का भाव रहे और भेदभाव और अलगाववाद न हो।’’

उन्होंने कहा, ‘‘भारत में समान नागरिक संहिता कानून देश की संस्कृति और भविष्य के लिए आवश्यक है क्योंकि जहां भेदभाव होता है, वहां परिवार भी नहीं चलता तो देश कैसे चलेगा।’’

उन्होंने कहा कि आज मां गंगा के तट से संत समाज ने आह्वान किया है कि 2024 लोकसभा चुनाव से पहले केंद्र की नरेन्द्र मोदी सरकार समान नागरिक संहिता कानून को लागू करे।

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