बेंगलुरु, 23 जुलाई कर्नाटक में बुधवार का दिन सिद्दि समुदाय के लिये नयी खुशियां लेकर आया, जब इसका एक सदस्य पहली बार विधान परिषद का सदस्य बन गया।
राज्यपाल वजुभाई वाला ने चार अन्य लोगों के साथ संतराम बुदना सिद्दि को कर्नाटक विधान परिषद के लिये मनोनीत किया गया। सिद्दि के विधान परिषद जाने का श्रेय भाजपा को जाता है।
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सिद्दि आरएसएस से संबंद्ध वनवासी कल्याण आश्रम की राज्य इकाई के सदस्य हैं।
उत्तरी कन्नड़ जिले में सिरसी और येल्लापुर के बीच हितलाहल्ली में एक साधारण से घर में रहने वाले शांताराम सिद्दि, अपने समुदाय में स्नातक की पढ़ाई करने वाले पहले व्यक्ति हैं।
उनके अनुसार सिद्दि समुदाय की जड़ें अफ्रीका, मोजाम्बिक और केन्या में मिलती हैं। पुर्तगाली इस समुदाय के लोगों की दास के तौर तस्करी कर उन्हें पश्चिमी घाट के तटों पर ले आए थे।
भारत की स्वतंत्रता के बाद पुर्तगाली यहां से चले गए और सिद्दि समुदाय ने पश्चिमी घाट के घने जंगलों में रहना शुरू कर दिया।
सिद्दि ने 'पीटीआई-' से कहा, ''हमारे समुदाय के लोग केवल मुंबई, गोवा और कर्नाटक के पश्चिमी घाटों पर मिलते हैं।''
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