देश की खबरें | सिद्धरमैया ने बारिश व बाढ़ के कारण फसल को क्षति होने पर मुआवजे को तीन गुना करने की मांग की

बेलगावी (कर्नाटक), 14 दिसंबर कर्नाटक में विपक्ष के नेता सिद्धरमैया ने मंगलवार को मांग की कि राज्य में इस साल जून से अधिक बारिश और बाढ़ के कारण फसलों को हुए नुकसान को लेकर किसानों को दिए जाने वाले मुआवज़े में तीन गुना का इज़ाफा किया जाए।

कांग्रेस के वरिष्ठ नेता ने राज्य सरकार पर उन लोगों को मुआवजा नहीं देने का भी आरोप लगाया, जिनके घर दो साल पहले बारिश के कारण क्षतिग्रस्त हो गए थे।

कर्नाटक के पूर्व मुख्यमंत्री ने विधानसभा में दावा किया कि इस साल 35 लाख हेक्टेयर जमीन में खड़ी फसलों को नुकसान हुआ है, जबकि केवल 12 लाख हेक्टेयर भूमि के लिए किसानों को मुआवजा दिया गया है। उन्होंने कहा कि शेष 23 लाख हेक्टेयर भूमि के लिए किसानों को कोई राहत नहीं मिली है।

सिद्धरमैया ने कहा कि असिंचित भूमि और सिंचित भूमि का मुआवजा क्रमश: 6,800 रुपये और 13,500 रुपये प्रति हेक्टेयर है।

उन्होंने यह भी कहा कि प्रत्येक किसान को अधिकतम दो हेक्टेयर भूमि के लिए मुआवजा दिया गया है, भले ही उसे दो हेक्टेयर से अधिक भूमि का नुकसान हुआ हो।

कांग्रेस नेता ने कहा, “मेरी मांग है कि मुआवजे को तीन गुना बढ़ाया जाए। असिंचित भूमि के लिए मुआवजा 20,400 रुपये प्रति हेक्टेयर और सिंचित भूमि के लिए 40,000 रुपये प्रति हेक्टेयर से अधिक होना चाहिए।”

सिद्धरमैया ने आरोप लगाया कि पिछले ढाई साल में अब तक एक भी घर नहीं दिया गया है।

जब परिवहन एवं अनुसूचित जनजाति कल्याण मंत्री बी श्रीरामुलु ने इस बयान पर आपत्ति जताई तो सिद्धरमैया ने मांग की कि वह काम पूरा होने का आदेश दिखाएं।

राज्य के आवास एवं बुनियादी ढांचा विकास मंत्री वी सोमन्ना ने सिद्धरमैया के बयान को झूठा करार दिया।

(यह सिंडिकेटेड न्यूज़ फीड से अनएडिटेड और ऑटो-जेनरेटेड स्टोरी है, ऐसी संभावना है कि लेटेस्टली स्टाफ द्वारा इसमें कोई बदलाव या एडिट नहीं किया गया है)