मैनचेस्टर, 19 जुलाई इंग्लैंड के डोम सिबले ने वेस्टइंडीज के खिलाफ यहां खेले जा रहे दूसरे टेस्ट के चौथे दिन रविवार को गलती से गेंद पर लार का इस्तेमाल कर दिया जिसके बाद मैदानी अंपायर को अंतरराष्ट्रीय क्रिकेट परिषद (आईसीसी) के नये दिशानिर्देशों के तहत उसे डिसइंफेक्टेड (कीटाणुरहित) करना पड़ा।
आईसीसी के कोविड-19 दिशानिर्देशों के तहत यह पहला मौका है जब किसी अंतरराष्ट्रीय क्रिकेट मैच के दौरान अंपायरों ने गेंद को सैनिटाइज करने के लिए हस्तक्षेप किया।
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ओल्ड ट्रैफर्ड मैदान पर यह घटना लंच से ठीक पहले घटी। वेस्टइंडीज की पारी के 42वें ओवर में अंपायर माइकल गफ को कीटाणुरहित करने के लिए गेंद के दोनों तरफ एक टिश्यू पेपर रगड़ते हुए देखा गया था।
सिबले ने जैसे ही गेंद पर लार का इस्तेमाल किया तभी इंग्लैंड की टीम ने इस बारे में खुद ही अंपायरों को बताया।
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भारतीय स्पिन दिग्गज अनिल कुंबले की अध्यक्षता वाली आईसीसी क्रिकेट समिति ने कोरोना वायरस महामारी के मद्देनजर गेंद को चमकाने के लिए लार के उपयोग पर प्रतिबंध लगाने की सिफारिश की थी जिसे लागू कर दिया गया था।
आईसीसी के नये नियमों के तहत मैचों का आयोजन जैव सुरक्षित माहौल हो रहा है जिसमें गेंद को चमकाने के लिए सिर्फ पसीने का इस्तेमाल किया जा सकता है।
नए नियमों के अनुसार अनजाने में लार के इस्तेमाल पर गेंदबाजी करने वाली टीम को चेतावनी दी जाएगी । टीम को दो चेतावनियों के बाद पांच रन का दंड दिया जाएगा।
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