कोच्चि, 12 नवंबर केरल में सोना तस्करी मामले में धनशोधन के आरोपों से जुड़े प्रवर्तन निदेशालय की जांच के संबंध में एक अदालत ने निलंबित आईएएस अधिकारी एम शिवशंकर को बृहस्पतिवार को 26 नवंबर तक न्यायिक हिरासत में भेज दिया।
धनशोधन रोकथाम कानून (पीएमएलए) के लिए विशेष अदालत ने यह आदेश तब जारी किया जब ईडी की हिरासत अवधि खत्म होने के बाद शिवशंकर को पेश किया गया।
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केरल के मुख्यमंत्री पिनराई विजयन के पूर्व प्रधान सचिव शिवशंकर को ईडी ने 28 अक्टूबर को गिरफ्तार किया था । शिवशंकर केंद्रीय एजेंसी की हिरासत में थे।
एजेंसी ने बृहस्पतिवार को शिवशंकर की जमानत याचिका का कड़ा विरोध किया।
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अदालत ने अभियोजन और बचाव पक्ष की दलीलें सुनी और याचिका को मंगलवार को सुनवाई के लिए सूचीबद्ध किया। ईडी का आरोप है कि राजनयिक मार्ग से सोना तस्करी मामले में शिवशंकर की भूमिका थी।
शिवशंकर के वकील ने ईडी की दलीलों का खंडन करते हुए कहा कि सोना तस्करी मामले में मुख्य आरोपी स्वप्ना सुरेश के बयान के आधार पर आरोप लगाए गए हैं।
ईडी ने बुधवार को अदालत में एक हलफनामे में कहा कि सुरेश ने उसके सामने बयान में दावा किया है कि मुख्यमंत्री कार्यालय (सीएमओ) में शिवशंकर और उनकी टीम राजनयिक मार्ग के जरिए सोना की तस्करी से अवगत थे।
तिरुवनंतपुरम हवाई अड्डे पर पांच जुलाई को राजनयिक सामान से 15 करोड़ रुपये के सोना की जब्ती मामले में राष्ट्रीय जांच एजेंसी, सीमा शुल्क विभाग और प्रवर्तन निदेशालय अलग-अलग जांच कर रहा है ।
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