भोपाल, 26 अप्रैल मध्य प्रदेश के मुख्यमंत्री शिवराज सिंह चौहान ने कहा है कि आदि शंकराचार्य ने देश के चारों कोनों में मठों की स्थापना कर भारत को एक किया।
चौहान मंगलवार शाम कुशाभाऊ ठाकरे सभागार में मध्यप्रदेश शासन के आचार्य शंकराचार्य सांस्कृतिक एकता न्यास एवं संस्कृति विभाग द्वारा आयोजित 'आचार्य शंकर प्रकटोत्सव, एकात्म पर्व' में बोल रहे थे।
एक आधिकारिक विज्ञप्ति में मुख्यमंत्री के हवाले से कहा गया, ‘‘आचार्य शंकर (आदि शंकराचार्य) ने पूर्व, पश्चिम, उत्तर और दक्षिण चारों दिशाओं में मठों की स्थापना करके भारत को जोड़ा।’’
चौहान ने कहा, ‘‘इन्हीं के कारण हमारी संस्कृति की पहचान कायम रही। उनका अद्वैत वेदांत दर्शन लोगों को सही दिशा दे रहा है। उनका संदेश जन-जन तक पहुंचाया जाएगा।’’
उन्होंने कहा, ‘‘हमारे वेदों और उपनिषदों को पढ़ने के बाद केवल एक ही बात दिमाग में आती है कि हम सभी की चेतना एक जैसी है। हम सभी एक हैं।’’
चौहान ने कहा कि भारतीय संतों ने हजारों साल पहले ‘‘वसुधैव कुटुम्बकम’’ (पूरी दुनिया एक परिवार है) का संदेश दिया था।
उन्होंने कहा, ‘‘भारत ने जियो और जीने दो का संदेश दिया है।’’
उन्होंने कहा कि ओंकारेश्वर में एकात्म धाम बन रहा है जहां पूरे विश्व को एकता का संदेश मिलेगा।
इससे पूर्व स्वामी अवधेशानंद गिरि व चौहान ने दीप प्रज्ज्वलित कर कार्यक्रम का शुभारंभ किया।
स्वामी अवधेशानंद ने कहा कि आदि शंकराचार्य ने 32 साल की उम्र में तीन बार पूरे भारत का भ्रमण किया था।
चौहान की सराहना करते हुए उन्होंने कहा कि जो काम शिक्षकों और संतों को करना था वह मुख्यमंत्री कर रहे हैं।
इस अवसर पर उपस्थित संत स्वामिनी विमलानंद सरस्वती ने ओंकारेश्वर में शंकराचार्य की प्रतिमा स्थापित करने के राज्य सरकार के फैसले की सराहना की।
चौहान ने इस अवसर पर अध्यात्म और संस्कृति में योगदान के लिए स्वामिनी विमलानंद सरस्वती और संस्कृति, साहित्य तथा व्याकरण के क्षेत्र में योगदान के लिए डॉ. कांशीराम को प्रशस्ति पत्र देकर सम्मानित भी किया।
दिमो
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