मुंबई, 22 अप्रैल एचडीएफसी लिमिटेड और एचडीएफसी बैंक के विलय की घोषणा के बाद उनके शेयरों की कीमतों में आई गिरावट उसके फायदे के बारे में सही तरीके से बात नहीं पहुंचा पाने के कारण हुई। एचडीएफसी लिमिटेड के उपाध्यक्ष और मुख्य कार्यपालक अधिकारी केकी मिस्त्री ने यह बात कही।
उन्होंने कहा कि चौथी तिमाही के परिणाम आने की वजह से कुछ बाध्यताएं थी। इसके कारण हम विलय के लाभ को लेकर सही तरीके बात नहीं रख पाये।
मिस्त्री ने शेयरधारकों और निवेशकों की चिंताओं को दूर करते हुए कहा कि शेयर की कीमतों में गिरावट अस्थायी है और ‘सब ठीक है।’
मिस्त्री ने शुक्रवार को ‘टाइम्स नेटवर्क इंडिया इकनॉमिक कॉन्क्लेव’ में कहा, ‘‘मैं कहूंगा कि यह (एचडीएफसी लिमिटेड और एचडीएफसी बैंक के शेयरों में गिरावट) बहुत ही अल्पकालिक है। हम विलय की खूबियों को स्पष्ट रूप से या स्पष्ट तरीके से बता नहीं सके। ऐसा इसलिए हुआ क्योंकि चौथी तिमाही के परिणाम आने थे।’’
एचडीएफसी बैंक ने 16 अप्रैल को अपने परिणाम घोषित किए, जबकि एचडीएफसी लिमिटेड के परिणाम दो मई को घोषित किए जाने हैं।
प्रस्तावित विलय की चार अप्रैल को घोषणा के बाद एचडीएफसी बैंक के शेयर में 18 फीसदी से अधिक की गिरावट आई है। इस दौरान एचडीएफसी लि. के शेयर भी 18 प्रतिशत नीचे आ गये।
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