श्रीनगर, 14 फरवरी जम्मू कश्मीर के मुख्यमंत्री उमर अब्दुल्ला ने शब-ए-बारात के अवसर पर श्रीनगर की ऐतिहासिक जामा मस्जिद को सील करने के सुरक्षा महकमे के फैसले को ‘दुर्भाग्यपूर्ण’ बताया है। शब-ए-बारात इस्लामी कैलेंडर की सबसे पवित्र रातों में से एक है, जिसे पूरे कश्मीर में मनाया जाता है।
पुलिस ने बृहस्पतिवार को मीरवाइज उमर फारूक को नजरबंद कर दिया जिन्हें शब-ए-बारात पर जामा मस्जिद में धार्मिक उपदेश देने थे।
परिसर में मौजूद लोगों को वहां से लौट जाने को कहा गया और मस्जिद प्रबंधन को सूचित किया गया कि (इशा) रात की नमाज नहीं होगी।
अब्दुल्ला ने ‘एक्स’ पर एक पोस्ट में कहा, ‘‘यह बहुत दुर्भाग्यपूर्ण है कि सुरक्षा महकमे ने इस्लामी कैलेंडर की सबसे पवित्र रातों में से एक - शब-ए-बारात के दिन श्रीनगर की ऐतिहासिक जामिया मस्जिद को सील करने का निर्णय लिया।’’
अन्य स्थानों पर बृहस्पतिवार रात हजारों लोग शब-ए-बारात मनाने के लिए मस्जिदों और दरगाहों पर उमड़े। यहां इस बीच सबसे अधिक भीड़ हजरतबल दरगाह में उमड़ी।
लोगों ने अपने प्रियजनों की कब्रों पर जाकर उनके लिए प्रार्थना की।
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