इससे कुछ ही घंटों पहले समूह ने पोत से लाई गई खाद्य सामग्री उत्तरी गाजा में पहुंचाई थी। उत्तरी गाजा इजराइल के हमले के कारण अकाल के कगार पर है।
वीडियो फुटेज में मध्य गाजा शहर दीर अल-बलाह के ‘अल-अक्सा मार्टर्स अस्पताल में शव नजर आ रहे हैं। इनमें से कई परमार्थ समूह के लोगों वाले सुरक्षा उपकरण पहने दिख रहे हैं।
जाने माने शेफ जोस एंड्रेस द्वारा स्थापित परमार्थ समूह ‘वर्ल्ड सेंट्रल किचन’ (डब्ल्यूसीके) ने मंगलवार की सुबह कहा कि मारे गए सात लोगों में ऑस्ट्रेलिया, पोलैंड और ब्रिटेन के नागरिक शामिल हैं। उसने बताया कि इनमें एक अमेरिकी-कनाडाई नागरिक भी शामिल है और कम से कम एक फलस्तीनी भी मारा गया है।
डब्ल्यूसीके की प्रवक्ता लिंडा रोथ ने एक बयान में कहा, ‘‘यह एक त्रासदी है। मानवीय सहायता कर्मियों और आम नागरिकों को कभी निशाना नहीं बनाया जाना चाहिए।’’
समूह ने बताया कि ये कर्मी सोमवार को समुद्र मार्ग से आई अत्यंत आवश्यक खाद्य सामग्री को जरूरतमंदों तक पहुंचा रहे थे तभी देर रात हमला हो गया।
हमला करने वाले की स्वतंत्र रूप से पुष्टि नहीं की जा सकी। इजराइली सेना ने कहा कि वह ‘‘इस दुखद घटना की परिस्थितियों को समझने के लिए’’ एक समीक्षा कर रही है।
समूह ने कहा, ‘‘ (इजराइली सेना के साथ) अपनी गतिविधियों को लेकर समन्वय करने के बावजूद काफिले पर उस समय हमला किया गया जब वह दीर अल बलाह गोदाम से जा रहा था।’’
उसने कहा कि सहायता समूह ने समुद्री मार्ग से गाजा में लाई गई 100 टन से अधिक मानवीय खाद्य सामग्री की आपूर्ति की।
सोमवार को तीन सहायता पोतों के जरिए लगभग 400 टन खाद्य सामग्री और राहत सामग्री भेजी गई जिसका प्रबंध संयुक्त अरब अमीरात और ‘वर्ल्ड सेंट्रल किचन’ ने किया था।
एपी
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