जरुरी जानकारी | सेबी ने सूचीबद्ध होने वाले स्टार्टअप के लिये नियमों में ढील देने का प्रस्ताव किया

नयी दिल्ली, 14 दिसंबर बाजार नियामक सेबी ने स्टार्टअप की सूचीबद्धता को आसान बनाने के लिये सोमवार को नियमों में ढील देने का प्रस्ताव किया। इसमें निर्गम पूर्व पूंजी के लिये होल्डिंग अवधि में कमी, प्रवर्तकों के लिये अलग-अलग वोटिंग अधिकार तथा सभी पात्र निवेशकों को अपने हिसाब से आबंटन की अनुमति शामिल हैं।

ये बदलाव ‘इनोवेटर्स ग्रोथ प्लेटफार्म’ (आईजीपी) पर सूचीबद्धता के लिये तैयार रूपरेखा में प्रस्तावित हैं। अन्य प्रस्तावों में 10 प्रतिशत से अधिक पूंजी रखने वाले मौजूदा संस्थागत निवेशकों के लिये उच्च वोटिंग अधिकार और सूचीबद्धता समाप्त करने की जरूरत को सुगम बनाना शामिल हैं।

यह भी पढ़े | RRB NTPC 2020 Exam Date & Admit Card Update: आरआरबी एनटीपीसी का एडमिट कार्ड जल्द होगा जारी, जानें इससे जुड़ी हर जरूरी जानकारी.

भारतीय प्रतिभूति एवं विनिमय बोर्ड (सेबी) ने आईजीपी रूपरेखा की समीक्षा को लेकर परामर्श पत्र जारी करते हुए निर्गम जारी करने वाली कंपनी के पात्र निवेशकों द्वारा निर्गम पूर्व 25 प्रतिशत पूंजी रखने की अवधि दो साल से कम कर एक साल करने का सुझाव दिया है।

मुख्य मंच पर सूचीबद्धता के लिये प्रावधान के अनुरूप सेबी ने यह प्रस्ताव किया है कि आईजीपी पर सूचीबद्ध होने वाली कंपनी को निर्गम का अभिदान के लिये खुलने से पहले 60 प्रतिशत तक अपने हिसाब से आबंटन की अनुमति होनी चाहिए।

यह भी पढ़े | गाड़ी वालों सावधान! नए साल से पहले नहीं किया ये काम तो हाईवे पर सफर हो सकता है मुश्किल.

परामर्श पत्र के अनुसार सभी पात्र निवेशकों को अपने हिसाब से आबंटन का प्रस्ताव किया गया है।

परामर्श पत्र पर संबंधित पक्षों से 11 जनवरी तक प्रतिक्रिया मांगी गयी है।

(यह सिंडिकेटेड न्यूज़ फीड से अनएडिटेड और ऑटो-जेनरेटेड स्टोरी है, ऐसी संभावना है कि लेटेस्टली स्टाफ द्वारा इसमें कोई बदलाव या एडिट नहीं किया गया है)