जरुरी जानकारी | सेबी ने इलेक्ट्रॉनिक स्वर्ण रसाीद के लिए वृहद जोखिम प्रबंधन रूपरेखा पेश की

नयी दिल्ली, 11 अप्रैल भारतीय प्रतिभूति एवं विनिमय बोर्ड (सेबी) ने इलेक्ट्रॉनिक स्वर्ण रसीद या ईजीआर के लिए एक वृहद जोखिम प्रबंधन रूपरेखा पेश की है।

नियामक ने सोमवार को ईजीआर के संदर्भ में एक परिपत्र जारी किया। इस परिपत्र में मार्जिन संग्रह, ईजीआर के लिए पहले कोष के भुगतान का प्रावधान, ग्राहक मार्जिन संग्रह में कमी, जोखिम में कमी और निपटान के पहलुओं को शामिल किया गया है।

यह तत्काल प्रभाव से लागू हो गया है।

दिसंबर, 2021 में सरकार ने ईजीआर को प्रतिभूति अनुबंध (नियमन) कानून, 1956 के तहत ‘प्रतिभूतियों’ के रूप में अधिसूचित किया था। उसी महीने सेबी ने वॉल्ट या तिजोरी प्रबंधकों के लिए नियम अधिसूचित किए थे जिससे स्वर्ण एक्सचेंज के परिचालन का रास्ता साफ हो गया था।

अधिसूचनाओं के तहत सेबी ने स्वर्ण एक्सचेंज के संचालन के लिए कई रूपरेखा जारी किए, जिसमें पीली धातु का कारोबार ईजीआर के रूप में किया जाएगा।

इसमें पूरा लेन-देन तीन चरणों में.... ईजीआर का सृजन, शेयर बाजार में इलेक्ट्रॉनिक स्वर्ण रसीद का कारोबार और ईजीआर को भौतिक सोने में तब्दील करना...होगा।

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