नयी दिल्ली, 20 अगस्त खाद्य तेल उद्योग के संगठन एसईए ने बृहस्पतिवार को कहा कि उसने सरकार से केवल कच्चे पाम तेल के आयात की अनुमति देने और सभी रिफाइंड तेलों को व्यापार को प्रतिबंधित श्रेणी में रखने का आग्रह किया है।
मुंबई स्थित भारतीय सॉल्वेंट एक्सट्रैक्टर्स संघ (एसईए) की घरेलू उत्पादन को बढ़ाने तथा खाद्यतेलों के आयात में कमी लाने के बारे में खाद्य मंत्रालय के सचिव सुधांशु पांडे के साथ हाल ही में एक आभासी बैठक हुई। इस दौरान सरकार से मूंगफली निर्यात के लिए और अधिक प्रोत्साहन प्रदान करने का भी अनुरोध किया गया।
एसईए ने एक बयान में कहा, बैठक में एसोसिएशन ने उद्योग की संभावनाओं के बारे में विस्तार से चर्चा की और कुछ कार्रवाई योग्य बिंदु सुझाए।
इसमें कहा गया है कि बैठक में सरकार से केवल कच्चे पाम तेल के आयात की अनुमति देने और अन्य सभी रिफाइंड खाद्यतेलों को प्रतिबंधित व्यापार की श्रेणी में रखने का आग्रह किया गया।
सरकार ने इस साल जनवरी से केवल आरबीडी पामोलियन को व्यापार की प्रतिबंधित श्रेणी में रखा है। घरेलू मांग को पूरा करने के लिए देश में सालाना लगभग 1.4-1.5 करोड़ टन खाद्य तेलों का आयात किया जाता है।
तिलहन के घरेलू उत्पादन को बढ़ाने के लिए, एसईए ने सरकार से विभिन्न तिलहनों के उन्नतम बीजों और शोध एवं विकास को अधिक प्रोत्साहन दिये जाने का आग्रह भी किया।
बैठक में एसईए अध्यक्ष अतुल चतुर्वेदी और एसोसिएशन के वरिष्ठ अधिकारियों ने भाग लिया। इस दौरान देश में तिलहन उत्पादन और उत्पादकता को बढ़ाने के लिए अगले दस वर्षों के लिए कार्ययोजना की रूपरेखा के साथ एक प्रस्तुति भी दी गई।
राजेश
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