देश को जलवायु परिवर्तन के कारण बरसात के मौसम में बाढ़ तथा अन्य जटिल परिस्थितियों का सामना करना पड़ता है।
यह दूसरी बार है जब देश ने फरवरी और मार्च में गर्मी के कारण स्कूल बंद किए हैं।
देश के उप शिक्षा मंत्री मार्टिन ताको मोई ने कहा कि ‘‘जूबा शहर में रोजाना औसतन 12 छात्र बेहोश हो रहे हैं।’’
दक्षिण सूडान के अधिकतर विद्यालयों में लोहे की चादरों से बने अस्थायी ढांचे हैं और उनमें बिजली की व्यवस्था नहीं है।
पर्यावरण मंत्री जोसेफिन नेप्वोन कॉसमॉस ने लोगों से घर के अंदर रहने और पानी पीते रहने का आग्रह किया है, क्योंकि तापमान 42 डिग्री सेल्सियस तक बढ़ने की संभावना है।
शिक्षाकर्मियों ने सरकार से स्कूल कैलेंडर में संशोधन करने पर विचार करने का आग्रह किया है ताकि स्कूल फरवरी में बंद किए जाएं और अप्रैल में तापमान कम होने पर पुनः खोले जाएं।
(यह सिंडिकेटेड न्यूज़ फीड से अनएडिटेड और ऑटो-जेनरेटेड स्टोरी है, ऐसी संभावना है कि लेटेस्टली स्टाफ द्वारा इसमें कोई बदलाव या एडिट नहीं किया गया है)












QuickLY