नयी दिल्ली, 18 जुलाई शाहदरा से पूर्व विधायक जितेंद्र सिंह शंटी और उनकी टीम कोविड-19 से जान गंवाने वाले लोगों का अंतिम संस्कार कर रही है। कोविड-19 से जान गंवाने वाले ऐसे लोगों के परिजन या तो पृथक हैं या वे संक्रमण की चपेट में आने के भय से उनका अंतिम संस्कार करने से इनकार कर रहे हैं।
शंटी का गैर लाभकारी संगठन शहीद भगत सिंह सेवादल (एसबीएसएसडी) पिछले 25 वर्षों से लावारिस शवों का अंतिम संस्कार कर रहा है। एसबीएसएसडी पिछले कुछ महीनों से विशेष तौर पर व्यस्त है क्योंकि महामारी के बीच अस्पताल के शवगृहों में शवों की संख्या बढ़ गई है।
शंटी ने कहा कि राष्ट्रीय राजधानी में स्थानीय अधिकारियों ने गत मार्च में महामारी के प्रसार के बीच एसबीएसएसडी की मदद मांगी थी।
उन्होंने कहा, ‘‘तब से हम स्थानीय प्रशासन और अस्पतालों के सहयोग से एंबुलेंस, शववाहन मुहैया करा रहे हैं और अंतिम संस्कार करा रहे हैं। शुक्रवार तक की स्थिति के अनुसार हमारी मदद से 272 कोविड-19 मरीजों के शवों का अंतिम संस्कार किया जा चुका है।’’
उन्होंने कहा, ‘‘हमने अब तक 35 से अधिक शवों का अंतिम संस्कार किया है। इन लोगों के परिजन अंतिम संस्कार करने में असमर्थ थे। हालाँकि, ऐसे उदाहरण भी आए हैं कि परिवार के सदस्यों ने शवों को लावारिस छोड़ दिया और अधिकारियों से अनुमति के बाद हमें उनका अंतिम संस्कार करना पड़ा।’’
पूर्व विधायक के अनुसार, एसबीएसएसडी एक दर्जन से अधिक शववाहन का संचालन करता है और दाह संस्कार का पूरा खर्च वहन करता है।
शंटी पिछले महीने कोविड-19 से संक्रमित पाये गए थे और वह अपनी पत्नी, बेटों और छह से अधिक कर्मचारियों के साथ घर पर पृथक हैं। हालांकि, वह फिर से अपनी टीम में शामिल होने के इंतजार में हैं।
शंटी और उनके एनजीओ द्वारा किए गए कार्यों की शाहदरा, पूर्वी दिल्ली और उत्तर पूर्वी दिल्ली जिला प्रशासन ने सराहना की है।
पूर्वी दिल्ली के जिला मजिस्ट्रेट अरुण मिश्रा ने कहा, ‘‘जितेन्द्र सिंह और उनका संगठन लोगों की मदद करके और महामारी के दौरान अंतिम संस्कार करके एक अच्छा कार्य कर रहे हैं।’’
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