देश की खबरें | सक्सेना ने ‘सरकारी पद के दुरुपयोग’’ को लेकर डीडीसीडी उपाध्यक्ष को कारण बताओ नोटिस दिया

नयी दिल्ली, 17 अक्टूबर दिल्ली के उपराज्यपाल वी के सक्सेना ने आम आदमी पार्टी (आप) के ‘‘आधिकारिक प्रवक्ता’’ के तौर पर काम करते हुए ‘‘सरकारी पद का दुरुपयोग’’ करने के आरोपों पर दिल्ली संवाद एवं विकास आयोग के उपाध्यक्ष जैसमीन शाह को सोमवार को कारण बताओ नोटिस जारी किया।

सूत्रों ने बताया कि भारतीय जनता पार्टी (भाजपा) के नेता और पश्चिमी दिल्ली से सांसद प्रवेश वर्मा की शिकायत पर यह कार्रवाई की गयी है। शाह को जवाब देने के लिए सात दिन का वक्त दिया गया है।

बहरहाल, शाह ने कहा कि डीडीसीडी के उपाध्यक्ष का पद दिल्ली के उपराज्यपाल के अधिकार क्षेत्र में नहीं आता है, जो कि मंत्रिमंडल द्वारा नियुक्त मंत्री स्तर का पद है।

वहीं, आप ने इस नोटिस को ‘‘गुजरात में अपनी बढ़ती लोकप्रियता के कारण इसे दिल्ली सरकार पर एक और हमला’’ बताया।

वर्मा ने 13 सितंबर को दी अपनी शिकायत में आरोप लगाया, ‘‘दिल्ली संवाद एवं विकास आयोग (डीडीसीडी) के उपाध्यक्ष के तौर पर काम करते हुए जैसमीन शाह ने राजनीतिक फायदे के लिए आम आदमी पार्टी के आधिकारिक प्रवक्ता के तौर पर काम किया, जो स्थापित प्रक्रियाओं का उल्लंघन और शाह द्वारा सरकारी पद के दुरुपयोग के कुछ कथित उदाहरण हैं।’’

उपराज्यपाल कार्यालय में सूत्रों ने बताया कि इस मामले में दिल्ली सरकार के योजना विभाग ने जांच की है, जो डीडीसीडी का प्रशासनिक विभागीय प्रभारी है।

एक सूत्र ने कहा, ‘‘टीवी कार्यक्रमों में शाह की मौजूदगी वाले विभिन्न वीडियो फुटेज, उनके द्वारा संबोधित संवाददाता सम्मेलनों की प्रतिलिपि और अखबारों, समाचार पोर्टल आदि का विस्तारपूर्वक विश्लेषण करने के बाद प्रथम दृष्टया यह पाया गया कि वह अत्यधिक दलीय राजनीतिक एजेंडे खासतौर से एक सरकारी सेवक के आचार के लिए निर्धारित नियमों के विपरीत जाकर अपने सरकारी पद तथा अन्य फायदों का इस्तेमाल कर रहे थे।’’

शाह को जारी नोटिस में कहा गया है, ‘‘प्रत्येक सरकारी सेवक को निष्पक्षता के सिद्धांत का पालन करने की आवश्यकता होती है तथा शाह ने एक सरकारी पद पर रहते हुए इसका उल्लंघन किया है।’’

सूत्रों ने कहा, ‘‘विभाग को पर्याप्त सबूत मिले हैं जो यह संकेत देते हैं कि शाह ने न केवल आप के प्रवक्ता की भूमिका निभायी बल्कि एक पार्टी का हिस्सा बताते हुए अपने आप को ‘हम’ बताया और सार्वजनिक संसाधनों का दुरुपयोग करते हुए राजनीतिक रूप से दलगत बयान दिए।’’

इस नोटिस पर शाह ने कहा, ‘‘मैंने उपराज्यपाल तथा भाजपा सांसद प्रवेश वर्मा की ओर से दिल्ली सरकार के योजना विभाग द्वारा जारी नोटिस देखा है...डीडीसीडी के संदर्भ की शर्तें यह स्पष्ट करती है कि केवल मुख्यमंत्री के पास उपाध्यक्ष को हटाने की शक्ति है। इस नोटिस में उपराज्यपाल ने अपने अधिकार क्षेत्र की सीमा पार की है।’’

आप ने आरोप लगाया, ‘‘उपराज्यपाल के पास दिल्ली में बढ़ते अपराध और कूड़े के ढेर का कोई जवाब नहीं है लेकिन वह दिल्ली सरकार के काम को निशाना बनाते हुए हर दिन एक पत्र जारी कर देते हैं।’’

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