देश की खबरें | सावित्रीबाई फुले पुणे विश्वविद्यालय जेएनयू से अधिक ‘वामपंथी’ है : शांतिश्री पंडित

पुणे, 14 फरवरी जवाहरलाल नेहरू विश्वविद्यालय (जेएनयू) की कुलपति डॉ. शांतिश्री पंडित का कहना है कि सावित्रीबाई फुले पुणे विश्वविद्यालय (एसपीपीयू) नयी दिल्ली स्थित जेएनयू की तुलना में अधिक ‘वामपंथी’ है, हालांकि हमेशा ऐसा दिखाई नहीं पड़ता।

पंडित, जो पहले एसपीपीयू में पढ़ाती थीं, ने कहा कि जेएनयू में काम करना आसान नहीं था और इसके लिए साहस की आवश्यकता थी, हालांकि पुणे विश्वविद्यालय में उनके कार्यकाल ने उन्हें वर्तमान भूमिका में अपने कर्तव्यों को कुशलतापूर्वक निभाने में मदद की।

केंद्र ने उन्हें तीन साल से अधिक समय पहले जेएनयू की कुलपति नियुक्त किया था।

पंडित बृहस्पतिवार को यहां महाराष्ट्र शिक्षा सोसायटी द्वारा आयोजित वासुदेव बलवंत फड़के स्मृति व्याख्यानमाला में ‘नये युग में भारतीय समाज - अवसर एवं चुनौतियां’ विषय पर व्याख्यान दे रही थीं।

पंडित ने कहा कि जब लोग उनसे पूछते हैं कि वह जेएनयू जैसे शैक्षणिक संस्थान को, जिसे वामपंथी गढ़ माना जाता है, इतनी कुशलता से कैसे चला पाती हैं, तो वह एसपीपीयू में अपने कार्यकाल और ‘‘प्रशिक्षण’’ का जिक्र करती हैं।

वर्ष 2022 में जेएनयू की कुलपति का पद संभालने से पहले वह सावित्रीबाई फुले विश्वविद्यालय में राजनीति विज्ञान की प्रोफेसर थीं। वह जेएनयू की कुलपति के रूप में सेवा करने वाली पहली महिला हैं।

यह पूछे जाने पर कि महाराष्ट्र में कोई भी विश्वविद्यालय धार्मिक आस्थाओं पर आधारित पाठ्यक्रम क्यों नहीं चलाता, पंडित ने जवाब दिया, ‘‘वास्तव में धार्मिक आस्था पर आधारित पाठ्यक्रम नहीं है, लेकिन जेएनयू में हिंदू अध्ययन केंद्र, बौद्ध अध्ययन केंद्र और जैन अध्ययन केंद्र हैं। मैं यहां यह उल्लेख करना चाहती हूं कि सावित्रीबाई फुले पुणे विश्वविद्यालय जेएनयू की तुलना में अधिक ‘वामपंथी’ है, हालांकि हमेशा ऐसा दिखाई नहीं पड़ता है।’’

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