नयी दिल्ली, 13 दिसंबर प्रतिभूति अपीलीय न्यायाधिकरण (सैट) ने बुधवार को बाजार नियामक सेबी के उस आदेश को खारिज कर दिया जिसमें कुछ सौदों में कथित हेराफेरी के मामले में जियो फाइनेंशियल सर्विसेज लिमिटेड (जेएफएसएल) पर सात लाख रुपये का जुर्माना लगाया गया था।
रिलायंस इंडस्ट्रीज लिमिटेड (आरआईएल) ने कुछ महीने पहले ही अपने वित्तीय सेवा उपक्रम को रिलायंस स्ट्रैटेजिक इन्वेस्टमेंट्स लिमिटेड (आरएसआईएल) में विभाजित कर दिया और फिर इसका नाम बदलकर जेएफएसएल कर दिया गया।
यह मामला 2017 में आरएसआईएल और मॉर्गन स्टेनली फ्रांस एसए के बीच दीर्घावधि के निफ्टी विकल्पों में हुए कुछ सौदों से संबंधित है।
भारतीय प्रतिभूति एवं विनिमय बोर्ड (सेबी) ने जून, 2023 में जारी अपने आदेश में कंपनी पर कुछ पीएफयूटीपी (धोखाधड़ी और अनुचित व्यापार प्रथाओं का निषेध) नियमों के उल्लंघन का आरोप लगाया था। इस मामले में कंपनी पर सात लाख रुपये का जुर्माना भी लगाया गया था।
रिलायंस समूह की कंपनी ने सेबी के इस आदेश के खिलाफ सैट में अपील की थी।
अपीलीय न्यायाधिकरण के न्यायमूर्ति तरुण अग्रवाल और पीठासीन अधिकारी मीरा स्वरूप की पीठ ने सेबी का आदेश रद्द करते हुए कहा कि नियामक ने सबूतों पर ठीक से विचार नहीं किया है।
न्यायाधिकरण ने अपने आदेश में कहा कि एक सामान्य एकतरफा कारोबार को सर्कुलर या रिवर्सल व्यापार न होने पर भी हेराफेरी मानना और इसके पक्ष में कोई साक्ष्य न होने के आधार पर इस आदेश को रद्द किया जाता है।
कुछ दिनों पहले सैट ने रिलायंस समूह के चेयरमैन मुकेश अंबानी पर एक पुराने मामले में जुर्माना लगाने के सेबी के आदेश को भी खारिज कर दिया था।
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