देश की खबरें | सरोज खान अपनी कला की शालीनता और संवेदनशीलता से संगीत को जीवंत कर देती थी: सैफ अली खान

मुंबई, पांच जुलाई अभिनेता सैफ अली खान ने कहा कि कोरियोग्राफर सरोज खान की विरासत को स्वीकार किए बिना बॉलीवुड गानों को सुनना संभव नहीं है, जिन्होंने बालीवुड की बड़ी हस्तियों को अपने धुनों पर नचाया था।

उल्लेखनीय है कि बॉलीवुड के मशहूर गानों ‘धक-धक’ और ‘एक दो दिन’ में महत्वपूर्ण योगदान देने वाली मशहूर कोरियोग्राफर सरोज खान का बृहस्पतिवार देर रात में दिल का दौरा पड़ने ने निधन हो गया । वह 71 वर्ष की थीं।

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तीन बार राष्ट्रीय पुरस्कार जीतने वाली महान कोरियोग्राफर सरोज खान को याद करते हुए सैफ ने कहा कि परियोजना से उनका नाम जुड़ना ही निर्माता के लिए काफी था।

सैफ ने कहा, ‘‘ हम सभी के लिए, जिन्हें सेट पर उन महान कलाकार से निर्देश लेने का सौभाग्य प्राप्त हुआ कभी भी हिंदी संगीत को सुनना यह सोचे बिना संभव नहीं होगा कि कैसे उन्होंने बॉलीवुड की महान हस्तियों- अमिताभ बच्चन, श्रीदेवी से लेकर शाहरुख खान और माधुरी दीक्षित तक को अपनी धुनों पर नचाया।’’

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उल्लेखनीय है कि सैफ ने 1993 में बनी अपनी पहली फिल्म ‘ परंपरा’ में सरोज खान के साथ काम किया था। उसी साल उनकी फिल्म ‘आशिक आवारा’ आई जिसका शीर्षक गीत सुपरहिट हुआ और सैफ बॉलीवुड में स्थापित हुए।

‘जवानी जानेमन’ फिल्म के अभिनेता ने कहा कि सरोज खान की कोरियोग्राफी की खासियत थी की वह शालीनता और संवेदनशीलता से संगीत को जीवंत कर देती थी।

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