देश की खबरें | सलाया बंदरगाह पर हेरोइन की जब्ती का मामला : एनआईए ने चार आरोपियों के खिलाफ छठा पूरक आरोप पत्र दाखिल किया

नयी दिल्ली, तीन जुलाई राष्ट्रीय अन्वेषण अभिकरण (एनआईए) ने गुजरात के सलाया बंदरगाह पर पाकिस्तान से तस्करी कर लाई गई 500 किलोग्राम हेरोइन की जब्ती के मामले में सोमवार को चार आरोपियों के खिलाफ अपना छठा पूरक आरोप पत्र दाखिल किया। एनआईए के एक प्रवक्ता ने यह जानकारी दी।

प्रवक्ता ने बताया कि अहमदाबाद स्थित विशेष एनआईए अदालत में चार आरोपियों के खिलाफ भारतीय दंड संहिता (आईपीसी), स्वापक औषधियां एवं मन:प्रभावी पदार्थ (एनडीपीएस) अधिनियम और गैरकानूनी गतिविधियां (रोकथाम) अधिनियम (यूएपीए) के तहत आरोप पत्र दाखिल किया गया।

प्रवक्ता के मुताबिक, आरोप पत्र में नामजद चारों आरोपी-हरमिंदर सिंह उर्फ ‘​रोमी रंधावा’, मंजीत सिंह उर्फ ​​‘मन्ना’, कुलदीप सिंह और मलकीत सिंह-पंजाब के रहने वाले हैं।

उन्होंने कहा, “जांच से पता चला है कि आरोपियों ने पूरे पंजाब में विभिन्न स्थानों पर नशीले पदार्थों के परिवहन, प्रसंस्करण और वितरण में महत्वपूर्ण भूमिका निभाई थी। उन्होंने नशीले पदार्थों से हुई आय का इस्तेमाल आतंकवादी एवं आपराधिक गतिविधियों को अंजाम देने के वास्ते किया। आरोपियों ने वांछित आरोपियों के इशारे पर काम किया।”

इस मामले में अब तक 24 लोगों को गिरफ्तार किया जा चुका है, जबकि नौ लोग फरार हैं।

प्रवक्ता के अनुसार, फरार आरोपियों में इटली में रह रहा भारत का वांछित मादक पदार्थ तस्कर सिमरनजीत सिंह संधू, पाकिस्तान में रह रहे वांछित आरोपी हाजीसाहब उर्फ ​​‘भाईजान’ और नबी बख्श तथा ऑस्ट्रेलिया में रह रहा तनवीर सिंह बेदी शामिल हैं।

प्रवक्ता ने कहा कि एनआईए इन वांछित अपराधियों और गिरफ्तार आरोपियों के संबंध का पता लगाने में कामयाब रही है।

संघीय जांच एजेंसी ने कहा कि इस मामले से समुद्री मार्ग का उपयोग करके पाकिस्तान से भारत में नशीले पदार्थों की तस्करी की एक बड़ी आपराधिक साजिश का खुलासा हुआ।

प्रवक्ता ने कहा, “खेप को दिल्ली के रास्ते पंजाब में तस्करी के जरिये ले जाया जा रहा था, जहां इसे गुजरात के बंदरगाह पर उतरने के बाद लाया गया था। आरोपी अवैध पदार्थों की तस्करी, परिवहन, भंडारण, प्रसंस्करण और वितरण में शामिल थे।”

एनआईए की जांच के मुताबिक, हरमिंदर सिंह और मंजीत सिंह ने बेदी के कहने पर तस्करी कर लाए गए पदार्थों के भंडारण के लिए पंजाब के लुधियाना में गोदाम और आवासीय मकान किराए पर लिए थे।

प्रवक्ता ने कहा, “कुलदीप ने मलकीत (सिंह) के साथ मिलकर एक अन्य आरोपी सुखबीर सिंह उर्फ ‘हैप्पी’ की संदेह और पुलिस जांच से बचाने के साथ दिल्ली से लुधियाना और अमृतसर तक कई बार हेरोइन/ड्रग शोधन रसायन से भरे वाहनों को ले जाने में सहायता की थी, क्योंकि बोलेरो वाहन (जिस पर कुलदीप को एक गुरुद्वारे ने चालक के रूप में नियुक्त किया था) फतेहगढ़ साहिब जिले के एक गुरुद्वारे के नाम पर पंजीकृत था।”

यह मामला मूल रूप से 12 अगस्त 2018 को गुजरात आतंकवाद विरोधी दस्ते द्वारा दर्ज किया गया था, जब आरोपी अजीज अब्दुल भागद से हेरोइन की जब्ती हुई थी, जिसने पाकिस्तान से भारत में तस्करी कर लाई गई 100 किलोग्राम हेरोइन की खेप में से पांच किलोग्राम हेरोइन की चोरी की थी।

प्रवक्ता के अनुसार, भागद ने चोरी की हेरोइन को गुजरात में अपने गांव के पास एक गड्ढे में छिपा दिया था, जिसके बाद उसे गिरफ्तार कर लिया गया था।

मामले में अंतरराष्ट्रीय तार जुड़े होने और राष्ट्रीय सुरक्षा संबंधी प्रभावों को ध्यान में रखते हुए केंद्रीय गृह मंत्रालय ने 29 जून 2020 को इसकी जांच एनआईए को स्थानांतरित कर दी थी।

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