मुंबई, एक जून साकीनाका बलात्कार एवं हत्या मामले में अभियोजन पक्ष ने बुधवार को 45 वर्षीय दोषी के लिए मौत की सजा देने का अनुरोध किया, जिसने पिछले सितंबर में मुंबई के साकीनाका इलाके में 34 वर्ष की एक महिला के साथ बलात्कार किया था और उसके निजी अंगों में रॉड डालकर उसकी हत्या कर दी थी। अभियोजन ने कहा कि यह अपराध ‘‘दुर्लभतम श्रेणी’’ में आता है।
आरोपी मोहन चौहान को 30 मई को अतिरिक्त सत्र न्यायाधीश (डिंडोशी अदालत) एच सी शेंडे द्वारा बलात्कार और हत्या के लिए भारतीय दंड संहिता के विभिन्न प्रावधानों के तहत दोषी ठहराया गया था। अदालत बृहस्पतिवार को उसकी सजा पर फैसला सुना सकती है।
अभियोजन पक्ष की ओर से पेश अधिवक्ता महेश मुले ने बुधवार को अदालत में दलील दी, ‘‘यह एक महिला और वह भी अनुसूचित जाति की महिला के खिलाफ अपराध है जो इसे और गंभीर बनाता है।’’
उन्होंने कहा, ‘‘यह रात के समय एक असहाय, अकेली महिला पर एक भीषण हमला है, जिससे मुंबई जैसे महानगर में महिलाओं की सुरक्षा को लेकर भय उत्पन्न किया है।’’
अभियोजन पक्ष ने कहा कि मामला पूरी तरह से "दुर्लभतम" मामले के मानदंडों में फिट बैठता है और इसलिए आरोपी को मौत की सजा दी जानी चाहिए।
चौहान ने पिछले साल सितंबर में 34 वर्षीय महिला के साथ बलात्कार किया था और उसके निजी अंगों में रॉड डाल दी थी। महिला की अगले दिन एक अस्पताल में इलाज के दौरान मौत हो गई थी। घटना के महज 18 दिन बाद पुलिस ने मामले में आरोपपत्र दाखिल कर दिया था।
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