विदेश की खबरें | यूक्रेन पर रूस का आक्रमण : क्रेमलिन के प्रति समर्थन को लेकर दिल और दिमाग में जंग

मैसाचुसेट्स, चार मार्च (द कन्वरसेशन)रूसी राष्ट्रपति व्लादिमीर पुतिन एक तरफ यूक्रेन को अपने अधीन करने और दूसरी तरफ क्रेमलिन नीति के समर्थन में अपने स्वयं के नागरिकों को एकजुट रखने के चक्रव्यूह में फंस गए हैं।

यूक्रेनी लड़ाके ट्विटर पोस्ट और टिकटॉक वीडियो के जरिए दुनिया की प्रशंसा हासिल कर रहे हैं, ​जिससे रूसी एकता का भ्रम भी टूटने लगा है।

पूरे रूस में एक पीढ़ीगत संघर्ष छिड़ रहा है। अक्सर, यह उन लोगों को खटकता है, जो सरकारी टेलीविजन की कहानियों पर भरोसा करते हैं, अपने बच्चों पर नहीं, जिनमें से कई वर्तमान में विदेश में रह रहे हैं और काम कर रहे हैं।

नयी पीढ़ी के ये लोग युद्ध पर अपने सदमे और शर्म को व्यक्त करने के लिए और पुतिन शासन के इस कदम को चुनौती देने के लिए सोशल मीडिया की ओर रुख कर रहे हैं।

यह एक वास्तविकता है जिसे मैं केवल रूसी इतिहास और मीडिया के विद्वान के रूप में ही नहीं बल्कि अपने निजी जीवन में भी अनुभव कर रहा हूं। । जब मेरी 28 और 29 साल की सौतेली बेटियों ने रूस के आक्रमण के बारे में पूछने के लिए मास्को में अपनी दादी को फोन किया, तो जवाब में उनके आंसू छलक आए। उनका कहना था: “आप ऐसा सवाल कैसे पूछ सकते हैं? रूस युद्ध शुरू नहीं करता है। रूस दूसरे देशों पर आक्रमण नहीं करता है।’’ परिवार की आम सहमति थी कि 15 साल पहले अमेरिकी नागरिक बनने के बाद से युवतियां ‘‘पूरी तरह से बदल गई’’ हैं।

क्रेमलिन ने मीडिया पर पकड़ मजबूत की

रूस के अंदर, सरकार रूस समर्थक संदेश प्रसारित कर रही है जो लोगों को अपनी मातृभूमि पर गर्व या बाहरी दुश्मनों के प्रति क्रोध से भरने के लिए तैयार किए गए हैं। क्रेमलिन-नियंत्रित टेलीविजन रिपोर्ट - साक्षात्कार और साइट पर वीडियो से भरी बहुत ही चालाक, विश्वसनीय कहानियों में - रूसी नागरिकों के खिलाफ नव-नाजी यूक्रेनियन द्वारा किए गए कथित अत्याचारों का विवरण दिया जा रहा है। यूक्रेन के डोनबास क्षेत्र में रूसी संवाददाता ‘‘सामूहिक कब्रें’’ दिखाते हुए ‘‘नरसंहार’’ की बात करते हैं।

राज्य सेंसरशिप एजेंसी रोसकोम्नाडज़ोर ने सभी मीडिया, यहां तक ​​​​कि स्वतंत्र स्वामित्व वाले समाचार पत्रों और रेडियो स्टेशनों को ‘‘विशेष अभियान’’ के बजाय ‘‘युद्ध’’ शब्द का उपयोग करने से मना किया है। आउटलेट्स को ‘‘अविश्वसनीय’’ जानकारी फैलाने से रोकने का आदेश देते हुए केवल रूसी सरकारी स्रोतों पर भरोसा करने का निर्देश दिया गया है। राज्य द्वारा संचालित टेलीविजन पर, यूक्रेन को एक ‘‘क्षेत्र’’ के रूप में संदर्भित किया जाता है, न कि एक स्वतंत्र देश के रूप में।

जब आधिकारिक घोषणाओं का खंडन करने वाली सामग्री ट्विटर पर प्रसारित होने लगी, तो क्रेमलिन ने नागरिकों की पहुंच सीमित कर दी। जब फ़ेसबुक फ़ैक्ट-चेकर्स ने कुछ राज्य मीडिया कहानियों की सटीकता को चुनौती दी, तो क्रेमलिन ने रूस के अनुमानित सात करोड़ फेसबुक उपयोगकर्ताओं में से कई को प्लेटफ़ॉर्म में लॉग इन करने से रोक दिया।

एक मार्च को, सरकार ने घोषणा की कि वह प्रसिद्ध रेडियो स्टेशन इको मॉस्को को बंद कर रही है और एक स्वतंत्र टीवी स्टेशन रेन ऑफ एयर को बंद कर रही है। सरकार ने दोनों पर कवरेज के नियमों का उल्लंघन करने और ‘‘फर्जी समाचार’’ प्रसारित करने का आरोप लगाया।

आधिकारिक कहानियां

रूस के आधिकारिक अकाउंट यूक्रेन के खिलाफ क्रेमलिन की कार्रवाइयों को सही ठहराने की कोशिश करते हैं। टीवी स्टेशन रूस -1 पर ‘‘यूक्रेन: हाउ इट वाज़’’ शीर्षक से 27 फरवरी की जारी एक रिपोर्ट में कहा गया कि वर्तमान संघर्ष 2014 में रूस के एक कथित अमेरिकी विश्वासघात से प्रेरित है।

पुतिन को पुराने फुटेज में समझाते हुए दिखाया गया है कि कैसे पश्चिमी नेताओं ने उस समय यूक्रेन के रूसी समर्थक राष्ट्रपति को कीव के केंद्रीय चौक में एकत्रित प्रदर्शनकारियों को तितर-बितर करने के लिए हिंसा का इस्तेमाल करने से रोकने के लिए उनसे गुहार लगाई। पुतिन कहते हैं कि उन्होंने पश्चिमी नेताओं की बात मान ली, लेकिन प्रदर्शनकारियों ने निर्वाचित राष्ट्रपति को हटा दिया और अमेरिका ने इस ‘‘तख्तापलट’’ को एक वीरतापूर्ण, लोकतांत्रिक कार्य के रूप में सराहा।

इस तरह के कार्यक्रम चतुर, अच्छी तरह से तैयार और बहुत ही असरदार होते हैं। एक सरकारी मतदान संगठन का दावा है कि 68% रूसी यूक्रेन में देश के कार्यों का समर्थन करते हैं। कई नागरिकों ने संवाददाताओं से कहा कि वे डोनेट्स्क और लुहान्स्क के अलग-अलग यूक्रेन गणराज्यों में रूसी ‘‘सहायता’’ के लिए आभार व्यक्त करते हैं।

असहमत होने की हिम्मत?

पुतिन के तहत, सरकारी नीति की सार्वजनिक आलोचना को अपराध माना जा सकता है। लेकिन रूस के अंदर कुछ लोग सोशल मीडिया का उपयोग यूक्रेन में सरकार के बाहरी युद्ध और अभिव्यक्ति की स्वतंत्रता के खिलाफ आंतरिक युद्ध दोनों के खिलाफ बोलने के लिए कर रहे हैं।

व्लॉगर यूरी डड ने अपने 49 लाख इंस्टाग्राम फॉलोअर्स के लिए साहसी रूसियों के उदाहरण पोस्ट किए हैं जो युद्ध के विरोध में आवाज उठा रहे हैं। उन्होंने पुतिन शासन के तहत ‘‘रूस में मानव इच्छा का दमन’’ कहे जाने वाले असंतोष को शांत करने का भी उल्लेख किया है।

(यह सिंडिकेटेड न्यूज़ फीड से अनएडिटेड और ऑटो-जेनरेटेड स्टोरी है, ऐसी संभावना है कि लेटेस्टली स्टाफ द्वारा इसमें कोई बदलाव या एडिट नहीं किया गया है)