गौरतलब है कि अदालत का यह फैसला ऐसे वक्त में आया है जबकि सरकार उसके खिलाफ और विपरीत रूख रखने वालों के खिलाफ कार्रवाई कर रही है।
प्रशासन द्वारा पिछले साल बंद किए जाने से पहले तक रूस के सबसे प्रतिष्ठित स्वतंत्र अखबार रहे ‘नोवाया गजट’ के खिलाफ मास्को सिटी कोर्ट का यह फैसला ऐसे वक्त में आया है जबकि रूस-यूक्रेन युद्ध का एक साल पूरा होने वाला है।
अदालत ने मास्को की जिला अदालत के सितंबर के फैसले के खिलाफ ‘नोवाया गजट’ की अपील खारिज कर दी। जिला अदालत ने अपने आदेश में ‘नोवाया गजट’ का लाइसेंस रद्द करने वाली रूस के मीडिया नियामक की याचिका को मंजूरी दी थी।
नियामक ने अखबार पर समय पर अपना ‘न्यूजरूम चार्टर’ प्रशासन को देने में असफल रहने का आरोप लगाया था और दावा किया था कि ‘नोवाया गजट’ ने इससे इंकार करते हुए इसे स्वतंत्र आवाज को दबाने का प्रशासन का प्रयास बताया था।
अखबार के नोबेल शांति पुरस्कार विजेता प्रधान संपादक दमित्रि मुरातोव ने मंगलवार को आए फैसले की आलोचना करते हुए कहा कि यह ‘‘उन मुट्ठी भर लोगों के हित में है जो देश को सिर्फ प्रोपगैंडा दिखाना चाहते हैं।’’
(यह सिंडिकेटेड न्यूज़ फीड से अनएडिटेड और ऑटो-जेनरेटेड स्टोरी है, ऐसी संभावना है कि लेटेस्टली स्टाफ द्वारा इसमें कोई बदलाव या एडिट नहीं किया गया है)













QuickLY