कुछ दिन पहले ही रूस के राष्ट्रपति व्लादिमीर पुतिन ने यूक्रेन को प्रमुख काला सागर बंदरगाह से अनाज भेजने की अनुमति दी थी। हालांकि, बाद में पुतिन ने कहा कि मॉस्को ‘काला सागर अनाज पहल’ में अपनी सहभागिता रोकेगा। इस पहल से दुनिया तक खाद्यान्न का निर्यात बढ़ा और कई ऐसे देशों तक अनाज पहुंचा जो भुखमरी का सामना कर रहे थे।
यूक्रेनी अधिकारियों ने कहा कि ओडेसा में हुए हमले में कम से कम दो लोगों की मौत हुई तथा काला सागर के करीब एक शहर मायकोलाइव में एक बच्चा सहित कम से कम 19 लोग घायल हुए।
हाल ही में रूस और क्रीमिया प्रायद्वीप को जोड़ने वाले एक महत्वपूर्ण पुल पर हमला कर उसे क्षतिग्रस्त कर दिया गया था। रूसी अधिकारियों ने इस हमले के लिए यूक्रेनी ड्रोन नौकाओं को जिम्मेदार ठहराया था।
बाद में रूस ने हमले का बदला लेने के इरादे से यूक्रेन के महत्वपूर्ण अनाज निर्यात बुनियादी ढांचे को निशाना बनाया।
यूक्रेन के अनाज निर्यात बुनियादी ढांचे पर हमलों की वजह से भुखमरी का सामना कर रहे देशों में खाद्य पदार्थों की कीमत बढ़ गई है।
संयुक्त राष्ट्र महासचिव एंतोनियो गुतारेस ने कहा कि समझौते के समाप्त होने से लोगों को ज्यादा परेशानी होगी। इससे संभावित रूप से लाखों लोग प्रभावित होंगे।
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