हवाई हमले में लगातार दूसरी रात दक्षिणी बंदरगाह शहर ओडेसा पर निशाना साधा गया। कुछ दिन पहले ही रूस के राष्ट्रपति व्लादिमीर पुतिन ने कहा था कि मॉस्को ‘ब्लैक सी ग्रेन इनीशियेटिव’ में अपनी सहभागिता रोकेगा। इस पहल से दुनिया तक खाद्यान्न का निर्यात बढ़ा और कई ऐसे देशों तक अनाज पहुंचा जो भुखमरी का सामना कर रहे थे।
क्रीमिया में रूस के आपातकालीन अधिकारियों ने कहा कि एक सैन्य केंद्र पर आग लगने की वजह से चार गांवों से 2,200 से अधिक लोगों को निकाला गया।
क्रीमिया में रूस द्वारा नियुक्त प्रायद्वीपीय मामलों के प्रमुख सर्गेई एक्सियोनोव के अनुसार एक महत्वपूर्ण राजमार्ग को बंद कर दिया गया।
उन्होंने किरोव्स्की जिले में केंद्र में आग लगने का कोई कारण नहीं बताया। दो दिन पहले ही रूस को क्रीमिया से जोड़ने वाले पुल पर हमला हुआ था, जिसके लिए रूस ने यूक्रेन को जिम्मेदार ठहराया था।
कीव सिटी सैन्य प्रशासन के प्रमुख सरही पोपको ने टेलीग्राम पर एक बयान में कहा, ‘‘पूरे यूक्रेन के लिए हवाई हमलों की भयावह रात।’’
यूक्रेन के अधिकारियों ने कहा कि हाल के दिनों में यूक्रेन के अधिक हिस्सों पर और भी ड्रोन और मिसाइल दागे जाने की खबरें हैं।
पोपको ने कहा कि लगातार दूसरी रात विशेष रूप से ओडेसा पर हमले किये गये। यूक्रेन की सेना के ‘ऑपरेशनल कमांड साउथ’ ने कहा कि ओडेसा क्षेत्र में हमले में कम से कम 12 नागरिक घायल हुए।
ओडेसा के क्षेत्रीय गवर्नर ओलेह किपर ने कहा कि हमले में बंदरगाह और अन्य बुनियादी संरचनाओं को निशाना बनाकर दर्जनों मिसाइल और ड्रोन दागे गये।
यूक्रेन के पोलतावा और किरोवोहराद क्षेत्र के अधिकारियों ने भी हमले होने की बात कही है।
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