ताजा खबरें | चालू वित्त वर्ष में बट्टेखाते में डाले गए ऋणों से 29,258 करोड़ रुपये वसूले जा चुके : सरकार

नयी दिल्ली, 18 मार्च सरकार ने मंगलवार को बताया कि वित्त वर्ष 2024-25 में 31 दिसंबर 2024 तक भारतीय स्टेट बैंक सहित विभिन्न राष्ट्रीयकृत बैंकों द्वारा बट्टेखाते में डाले गए ऋणों से 29,258 करोड़ रुपये वसूले जा चुके हैं।

राज्यसभा में प्रश्नकाल के दौरान वित्त मंत्री निर्मला सीतारमण ने पूरक प्रश्नों के जवाब में यह जानकारी दी। उन्होंने कहा कि चूककर्ता बच नहीं सकते और उनके खिलाफ कार्रवाई की जाती है।

उन्होंने बताया कि ऋण बट्टे खाते में डालने वाले बैंकों में बैंक ऑफ बड़ौदा, बैंक ऑफ महाराष्ट्र, केनरा बैंक, भारतीय स्टेट बैंक, पंजाब नेशनल बैंक आदि शामिल हैं।

वित्त मंत्री ने बताया कि बैंक, भारतीय रिजर्व बैंक (आरबीआई) के दिशानिर्देशों तथा अपने बैंकों के बोर्ड द्वारा अनुमोदित नीति के अनुसार गैर-निष्पादित आस्तियों (एनपीए) को बट्टेखाते में डालते हैं।

सीतारमण ने बताया कि ऐसे ऋण बट्टे खाते में डालने से उधारकर्ताओं को देयता से छूट नहीं मिलती तथा उन्हें कोई लाभ भी नहीं होता।

उन्होंने कहा, ‘‘ऋण को बट्टे खाते में डालना एक सतत प्रक्रिया है तथा बैंक, विभिन्न वसूली तंत्रों के माध्यम से उधार लेने वालों के खिलाफ वसूली की कार्रवाई जारी रखते हैं।’’

वित्त राज्य मंत्री पंकज चौधरी ने कहा कि कर्ज माफ करने का मतलब यह नहीं होता कि इसे पूरी तरह माफ कर दिया गया है। उन्होंने कहा कि एनपीए लगातार घट रहा है।

उन्होंने कहा कि मोदी सरकार और आरबीआई ने बैंकों को मजबूत करने के लिए एक सुदृढ़ व्यवस्था बनाई है।

(यह सिंडिकेटेड न्यूज़ फीड से अनएडिटेड और ऑटो-जेनरेटेड स्टोरी है, ऐसी संभावना है कि लेटेस्टली स्टाफ द्वारा इसमें कोई बदलाव या एडिट नहीं किया गया है)