देश की खबरें | रोशनआरा क्लब को फिर से खोला जाना चाहिए : दिल्ली उच्च न्यायालय

नयी दिल्ली, छह अक्टूबर दिल्ली उच्च न्यायालय ने शुक्रवार को कहा कि एक सदी पुराने रोशनआरा क्लब को उसके सदस्यों के लिए फिर से खोला जाना चाहिए।

दिल्ली विकास प्राधिकरण (डीडीए) ने क्लब के पट्टे की अवधि खत्म हो जाने के करीब छह माह बाद बेदखली नोटिस तामील कर पिछले महीने ने इसके परिसर को सील कर दिया था और इसे अपने कब्जे में ले लिया था।

मुख्य न्यायाधीश सतीश चंद्र शर्मा और न्यायमूर्ति संजीव नरूला की पीठ ने कहा कि रोशनआरा एक ‘‘सक्रिय क्लब’’ है और इसके सदस्यों को इसकी सुविधाओं का इस्तेमाल करने की अनुमति दी जानी चाहिए। अदालत ने कहा, ‘‘मैं चाहता हूं कि क्लब तुरंत चालू हो। क्लब का कामकाज शुरू किया जाए।’’

डीडीए की ओर से पेश अतिरिक्त सॉलिसिटर जनरल (एएसजी) चेतन शर्मा ने अदालत को आश्वासन दिया कि क्लब को बंद नहीं किया गया है और केवल इसका प्रबंधन सरकार के पास गया है, जो एक सप्ताह में बाहरी क्षेत्र को फिर से खोलेगी और इसे ‘‘काफी बेहतर तरीके’’ से संचालित करेगी।

एएसजी ने कहा कि सरकार ने देश में खेलों को बढ़ावा दिया है और मौजूदा एशियाई खेलों में भारतीय एथलीट की सफलता को रेखांकित किया। शर्मा ने कहा कि रोशनआरा क्लब के प्रमुख क्षेत्र का इस्तेमाल किसी ‘‘अभिजात्य समूह’’ के फायदे के लिए नहीं बल्कि ‘‘समतावादी’’ उद्देश्यों के लिए किया जाना चाहिए।

एएसजी शर्मा ने कहा, ‘‘क्लब बरकरार है। प्रबंधन बदल गया है। सदस्य बने हुए हैं...हम इसका संचालन जारी रखेंगे। हम इसे विश्वस्तरीय बनाएंगे। हमने केवल अपनी जमीन वापस ली है।’’

पीठ ने कहा कि वह मामले में आदेश पारित करेगी।

अदालत डीडीए की एक अपील पर सुनवाई कर रही थी। यह अपील इस साल की शुरुआत में उच्च न्यायालय के एकल न्यायाधीश के उस आदेश के खिलाफ दायर की गई थी, जिसमें क्लब को पट्टे की समाप्ति के संबंध में किसी भी दंडात्मक कार्रवाई से राहत दी गई थी।

रोशनआरा क्लब की स्थापना 15 अगस्त 1922 को हुई थी और पिछले साल यह 100 साल का हो गया। उत्तरी दिल्ली में स्थित यह क्लब देश के सबसे प्रतिष्ठित क्लब में से एक है।

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