बोस्टन, 30 जुलाई वैज्ञानिकों का कहना है कि गर्भवती स्त्रियों को कोविड-19 के कारण खून के थक्के जमने का जोखिम होता है। यह जोखिम उन महिलाओं को भी होता है जो एस्ट्रोजन वाले गर्भनिरोधक अथवा हार्मोन रिप्लेसमेंट थैरेपी ले रही हों।
अमेरिका के टफ्ट्स विश्वविद्यालय के शोधकर्ताओं समेत अन्य शोधकर्ताओं के मुताबिक कोविड-19 के कारण होने वाली जटिलताओं में ऐसे लोगों में खून के थक्के जमने की परेशानी भी शामिल है जो संक्रमण की चपेट में आने से पहले स्वस्थ थे।
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उन्होंने कहा कि गर्भावस्था के दौरान स्त्रियों में पाया जाने वाला हार्मोन एस्ट्रोजन खून के थक्के जमने के जोखिम को बढ़ाता है। गर्भ निरोध गोलियां या हार्मोन रिप्लेसमैंट थैरेपी लेने वाली महिलाओं को भी यह जोखिम होता है। ऐसे में यदि महिलाएं कोरोना वायरस से संक्रमित हो जाती हैं तो यह आशंका और भी बढ़ जाती है।
शोधकर्ताओं का मानना है कि रक्त के गाढ़ा होने या खून के थक्के जमने से कोरोना वायरस का संबंध और बेहतर ढंग से समझने के लिए अधिक शोध की आवश्यकता है।
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एंडोक्रिनोलॉजी नामक पत्रिका में प्रकाशित शोध में विशेषज्ञों ने कहा कि ऐसे में महिलाओं को रक्त को पतला करने वाली उपचार पद्धति लेनी पड़ सकती है या उन्हें अपनी एस्ट्रोजन वाली दवाएं बंद करना पड़ सकता है।
शोधकर्ताओं में से एक डेनियल स्प्राट ने कहा, ‘‘इस वैश्विक महामारी के दौर में, यह पता लगाने के लिए हमें और अधिक शोध करने की जरूरत है कि गर्भावस्था के दौरान कोरोना वायरस से संक्रमित होने वाली महिलाओं को खून पतला करने वाला उपचार देने की जरूरत है या नहीं और गर्भनिरोधक या हार्मोन थैरेपी ले रही महिलाओं को इन्हें लेना बंद करना चाहिए या नहीं।’’
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