
कोलकाता, 25 मार्च : कोलकाता के आरजी कर अस्पताल में बलात्कार और हत्या की पीड़िता विभिन्न कारणों से गंभीर मानसिक तनाव में थी और उसने पिछले साल नौ अगस्त को अपनी मौत से करीब एक महीने पहले उनसे पेशेवर मदद मांगी थी. एक परामर्शदाता मनोचिकित्सक ने सोमवार को यह दावा किया.
मनोचिकित्सक मोहित रणदीप ने दावा किया कि लंबे समय तक ड्यूटी करना, शिफ्टों के आवंटन में भेदभाव और सरकारी अस्पताल में ‘‘अनियमितताओं के बारे में जानकारी’’ 30 वर्षीय चिकित्सक को अत्यधिक मानसिक परेशानी दे रही थी. यह भी पढ़ें : Jammu and Kashmir: जम्मू-कश्मीर के बारामूला में आग लगने से आठ मकान क्षतिग्रस्त; कोई हताहत नहीं
एक प्रमुख बांग्ला टीवी चैनल से बातचीत में मनोचिकित्सक ने कहा कि अगर जरूरत पड़ी तो वह केंद्रीय अन्वेषण ब्यूरो (सीबीआई) के सामने गवाही देने के लिए तैयार हैं, जिसने बलात्कार-हत्या मामले की जांच की. महिला डॉक्टर का शव नौ अगस्त 2024 को उत्तर कोलकाता स्थित सरकारी अस्पताल के सेमिनार कक्ष में मिला था.