जरुरी जानकारी | बिजली क्षेत्र में पिछले नौ साल में क्रांतिकारी बदलाव, पारेषण क्षमता 65 प्रतिशत बढ़ी: आर के सिंह

मुंबई, 16 जनवरी केंद्रीय बिजली और नवीन एवं नवीकरणीय ऊर्जा मंत्री आर के सिंह ने मंगलवार को कहा कि विद्युत क्षेत्र में पिछले नौ वर्षों में क्रांतिकारी बदलाव हुए हैं और पारेषण क्षमता करीब 65 प्रतिशत बढ़ी है।

सिंह यहां इंडियन इलेक्ट्रिकल एंड इलेक्ट्रॉनिक्स मैन्युफैक्चरर्स एसोसिएशन (आईईईएमए) के प्रमुख कार्यक्रम बीआईडी 2024 का उद्घाटन करते हुए कहा कि केंद्र सरकार की ऊर्जा बदलाव यानी हरित ऊर्जा की दिशा में आगे बढ़ने को लेकर बड़ी महत्वाकांक्षा है और 2030 तक 500 गीगावॉट हरित बिजली क्षमता स्थापित करने की योजना है।

उन्होंने कहा, “पिछले नौ साल में हमने अपने उद्योग में क्रांतिकारी बदलाव लाया है। इससे क्षेत्र ‘बिजली की कमी’ से ‘पर्याप्त बिजली’ वाले क्षेत्र में तब्दील हुआ है। पिछले नौ साल में 1,90,700 सर्किट किलोमीटर की वृद्धि के साथ कुल पारेषण लाइन 4,79,185 सीकेएम (सर्किट किलोमीटर) हो गया है। यह करीब 65 प्रतिशत अधिक है।’’

मंत्री ने यह भी कहा कि कुल अंतर-क्षेत्रीय बिजली पारेषण क्षमता बढ़कर 1,16,540 मेगावाट हो गई है, जो नौ वर्षों में दोगुनी से भी अधिक है।

उन्होंने कहा, “हमने ऊर्जा परिवर्तन में एक बड़ा लक्ष्य निर्धारित किया है। इसके तहत हमने 2030 तक 500 गीगावॉट हरित ऊर्जा क्षमता स्थापित करने की योजना बनाई है।”

केंद्रीय मंत्री ने कहा, “सरकार के पास 1,79,570 मेगावाट (कुल क्षमता का 43 प्रतिशत) की स्थापित नवीकरणीय ऊर्जा क्षमता है और अन्य 99,000 मेगावाट क्षमता निर्माणधीन है।”

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