नयी दिल्ली, 15 सितंबर प्रमुख घरेलू दवा कंपनियों के कारोबार की वृद्धि दर चालू वित्त वर्ष में आठ से 10 प्रतिशत रह सकती है। रेटिंग एजेंसी इक्रा ने शुक्रवार को यह अनुमान जताया।
रेटिंग एजेंसी ने 25 दवा कंपनियों के एक नमूने को आधार बनाते हुए यह संभावना जताई। इन कंपनियों की कुल भारतीय दवा उद्योग में करीब 60 प्रतिशत हिस्सेदारी है।
इक्रा ने एक बयान में कहा कि निरंतर मूल्य वृद्धि, नए उत्पादों की पेशकश और कस्बों एवं ग्रामीण क्षेत्रों में स्वास्थ्य सेवाओं की बढ़ती पहुंच से इस विस्तार में मदद मिलने की संभावना है।
पिछले कुछ वर्षों में कई व्यवधान पड़ने के बावजूद घरेलू दवा बाजार की वित्त वर्ष 2013-14 से 2022-23 के बीच 9.7 प्रतिशत की वार्षिक वृद्धि दर रही है।
इक्रा ने कहा कि दवा उद्योग में 62-65 प्रतिशत हिस्सेदारी रखने वाले त्वरित उपचार तरीकों ने वित्त वर्ष 2021-22 के बाद से दीर्घकालिक उपचार को पीछे छोड़ रखा है। हालांकि आगे चलकर इस रुझान के पलट जाने की भी संभावना है।
(यह सिंडिकेटेड न्यूज़ फीड से अनएडिटेड और ऑटो-जेनरेटेड स्टोरी है, ऐसी संभावना है कि लेटेस्टली स्टाफ द्वारा इसमें कोई बदलाव या एडिट नहीं किया गया है)










QuickLY