चंडीगढ़, एक जून पंजाब के राज्यपाल और केंद्र शासित प्रदेश चंडीगढ़ के प्रशासक बनवारीलाल पुरोहित ने बृहस्पतिवार को कहा कि हरियाणा के कॉलेजों की पंजाब विश्वविद्यालय से संबद्धता संभव है। उन्होंने दोनों राज्यों के मुख्यमंत्रियों से विश्वविद्यालय से संबंधित मुद्दे का आपसी सहमति से समाधान करने के लिए कहा।
हरियाणा सरकार के एक बयान के अनुसार पुरोहित ने पंजाब विश्वविद्यालय (पीयू) से संबंधित विभिन्न मुद्दों के संबंध में सौहार्दपूर्ण माहौल में यहां हरियाणा के मुख्यमंत्री मनोहर लाल खट्टर और पंजाब के उनके समकक्ष भगवंत मान के साथ एक बैठक की अध्यक्षता की।
बयान में कहा गया है, ‘‘चंडीगढ़ स्थित पंजाब विश्वविद्यालय में हरियाणा के हिस्से की बहाली और हरियाणा राज्य के कॉलेजों की विश्वविद्यालय से संबद्धता की दिशा में सकारात्मक कदम उठाये गये हैं।’’
गौरतलब है कि हरियाणा पीयू में राज्य के हिस्से की बहाली की मांग कर रहा है।
बैठक के दौरान पुरोहित ने कहा कि सरकारों को ग्रामीण क्षेत्रों में भी शिक्षा को सुलभ बनाने के लिए काम करना चाहिए और दोनों मुख्यमंत्रियों से आग्रह किया कि पीयू से संबंधित मामलों को आपसी सहमति से आगे बढ़ाया जाना चाहिए।
बयान के अनुसार उन्होंने कहा, ‘‘पंजाब विश्वविद्यालय से हरियाणा के कॉलेजों की संबद्धता का मुद्दा कोई बड़ा मुद्दा नहीं है; ऐसा किया जाना संभव है। हरियाणा और पंजाब के बीच यह सहयोग निश्चित रूप से एक अच्छी शुरुआत होगी।’’
बयान के अनुसार, पंजाब के मुख्यमंत्री भगवंत मान ने ‘‘इन विषयों को अंतिम रूप देने के लिए कुछ समय मांगा, जिसके बाद पांच जून को एक बैठक निर्धारित की गई है।’’
हरियाणा विधानसभा ने पिछले वर्ष सर्वसम्मति से एक प्रस्ताव पारित किया था जिसमें सरकार से पंजाब विश्वविद्यालय में राज्य के हिस्से की बहाली की सिफारिश की गई थी।
हरियाणा के शिक्षा मंत्री कंवर पाल ने तब कहा था कि कुरुक्षेत्र विश्वविद्यालय अधिनियम के पारित होने के परिणामस्वरूप, केंद्र ने एक नवंबर, 1973 को एक अधिसूचना जारी कर पीयू में राज्य के हिस्से को समाप्त कर दिया था।
उस समय, हरियाणा में पीयू से संबद्ध कॉलेजों की संख्या 18 जिलों में 63 थी।
बैठक में खट्टर ने कहा कि पंजाब पुनर्गठन अधिनियम, 1966 के तहत हरियाणा का हिस्सा पंजाब विश्वविद्यालय को दे दिया गया और हरियाणा के कॉलेजों और क्षेत्रीय केंद्रों को पंजाब विश्वविद्यालय से संबद्ध कर दिया गया। हालांकि, 1973 में एक अधिसूचना जारी करके इसे समाप्त कर दिया गया था।
हरियाणा के मुख्यमंत्री ने कहा, ‘‘आज के दौर में राज्यों के कॉलेजों को भी अंतरराष्ट्रीय विश्वविद्यालयों से संबद्ध किया जा रहा है। राष्ट्रीय शिक्षा नीति का उद्देश्य है कि सभी शिक्षण संस्थान देश की प्रगति में सहयोग करें और सभी राज्यों के आपसी संबंध और मजबूत हों। इसलिए हरियाणा के कॉलेजों की संबद्धता पंजाब विश्वविद्यालय, चंडीगढ़ से की जाये।’’
खट्टर ने कहा कि हरियाणा के कॉलेजों की पीयू से संबद्धता होनी चाहिए। उन्होंने कहा, ‘‘हरियाणा सरकार केंद्र के साथ मिलकर पंजाब विश्वविद्यालय को आगे बढ़ायेगी, ताकि विश्वविद्यालय समृद्ध बने और उसकी जरूरतें पूरी हों।’’
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