देश की खबरें | शोधकर्ताओं ने ‘भीड़ और मास्क’ की निगरानी के लिए विकसित किया तंत्र

नयी दिल्ली, 22 फरवरी भोपाल के ‘इंडियन इंस्टीट्यूट ऑफ साइंस एजुकेशन एंड रिसर्च’ (आईआईएसईआर) के शोधकर्ताओं ने कृत्रिम मेधा पर आधारित एक किफायती तंत्र विकसित करने का दावा किया है जो परिसर में लोगों की आवाजाही पर नजर रखेगा और अगर कहीं पर सामाजिक दूरी के नियम का उल्लंघन हो रहा होगा तो वह चेतावनी के तौर पर एक रिकॉर्डेड संदेश भेजेगा।

अधिकारियों ने यह जानकारी दी। उन्होंने कहा कि कोरोना वायरस संक्रमण के प्रसार को रोकने के लिए तैयार किया गया ‘क्राउड एंड मास्क’ निगरानी तंत्र छात्रों को कम से कम तीन फुट की दूरी बनाने में मदद करेगा। संस्थान परिसर में छात्रों को वापस लाने की तैयारी कर रहा है। ऐसे में यह निगरानी तंत्र भौतिक निगरानी का स्थान लेगा।

संस्थान के इलेक्ट्रिकल इंजीनियरिंग एवं कम्प्यूटर साइंस विभाग के एसोसिएट प्रोफेसर पी बी सुजीत ने कहा,‘‘ हम सलाह देने वाला एक ऐसा आसान निगरानी तंत्र चाहते थे जो खास स्थानों पर सामाजिक दूरी के नियम का उल्लंघन कर रहे छात्रों को चेतावनी दे सके।’’

उन्होंने कहा,‘‘ नवोन्मेषियों ने परिसर में लोगों की आवाजाही पर नजर रखने के लिए माइक्रोचिप कम्प्यूटर और 5वी बैटरी से जुड़े उच्च गुणवत्ता वाले कैमरे पर कृत्रिम मेधा और मशीन लर्निंग (एआई-एमएल) के सिद्धांत का इस्तेमाल करते हुए इसे तैयार किया है।’’

उन्होंने बताया कि अगर कैमरे ने पाया कि सामाजिक दूरी और मास्क लगाने के नियम का पालन नहीं हो रहा है तो यह तंत्र भीड़ को रिकॉर्डेड संदेश भेज कर उन्हें सावधान करेगा।

सुजीत ने कहा कि अगर मौका दिया जाए तो इस तंत्र को भीड़-भाड़ वाले अनेक स्थानों पर लगाया जा सकता है।

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