मुंबई, आठ फरवरी देश के अग्रणी बैंकरों ने बुधवार को कहा कि भारतीय रिजर्व बैंक (आरबीआई) का रेपो दर में 0.25 प्रतिशत की बढ़ोतरी करना उम्मीद के अनुरूप ही था। इसके साथ ही उन्होंने कहा कि महंगाई की वृद्धि दर में कमी आने के बावजूद मौद्रिक समीक्षा में इस पर खास ध्यान दिया गया है।
पंजाब नेशनल बैंक के प्रमुख और इंडियन बैंक एसोसिएशन के चेयरमैन ए के गोयल ने कहा, ''नीतिगत ब्याज दर रेपो में 0.25 प्रतिशत की वृद्धि होने की उम्मीद थी। हाल के दिनों में खुदरा मुद्रास्फीति के आंकड़ों में गिरावट आने के बावजूद नीतिगत समीक्षा में उस पर और ज्यादा नियंत्रण पर जोर दिया गया है।''
भारतीय स्टेट बैंक (एसबीआई) के चेयरमैन दिनेश खारा ने कहा कि अमेरिकी रोजगार आंकड़ों में निरंतर मजबूती आने से उभरती अर्थव्यवस्थाओं के लिए मौद्रिक नीति में संतुलन साधना एक मुश्किल काम हो गया है। इसके साथ ही उन्होंने कहा कि दर बढ़ोतरी से इतर कई नियामकीय मोर्चों पर आरबीआई ने महत्वपूर्ण घोषणाएं की हैं।
विदेशी कर्जदाता स्टैंडर्ड चार्टर्ड की भारत में प्रमुख जरीन दारुवाला ने कहा कि रिजर्व बैंक ने आगामी वित्त वर्ष की पहली छमाही में वृद्धि दर अनुमान सात प्रतिशत से ज्यादा रखा है, जिससे पता चलता है कि उसे भारतीय अर्थव्यवस्था पर विश्वास है।
गैर-बैंकिंग कंपनी श्रीराम फाइनेंस के कार्यकारी वाइस चेयरमैन उमेश रेवांकर ने छोटे व्यापारों में नकदी का प्रवाह बढ़ाने के उद्देश्य से टीआरईडीएस के दायरे को व्यापक करने वाली नीति का स्वागत किया।
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