देश की खबरें | धार्मिक विद्वान सनातन हिंदू संस्कृति के खिलाफ साजिश पर वाराणसी सम्मेलन में करेंगे चर्चा

नयी दिल्ली, छह सितंबर देश के विभिन्न हिस्सों के संत और धार्मिक विद्वान सनातन-हिंदू संस्कृति के विरूद्ध कथित ‘साजिश’ तथा अन्य मुद्दों पर चर्चा करने के लिए नवंबर में वाराणसी में जुटेंगे। अखिल भारतीय संत समिति के एक वरिष्ठ पदाधिकारी ने बुधवार को यह जानकारी दी।

अखिल भारतीय संत समिति के महासचिव स्वामी जितेंद्रानन्द सरस्वती ने कहा कि दो नवंबर से शुरू होने वाली चार दिवसीय ‘संस्कृति संसद’ में सनातन धर्म के खिलाफ द्रमुक नेता उदयनिधि स्टालिन के विवादास्पद बयान पर भी चर्चा की जाएगी।

वह अखिल भारतीय अखाड़ा परिषद के अध्यक्ष महंत रावेंद्र पुरी तथा विहिप के कार्यकारी अध्यक्ष आलोक कुमार के साथ संयुक्त संवाददाता सम्मेलन को संबोधित कर रहे थे।

स्वामी सरस्वती ने कहा, ‘‘ यह चिंता का विषय है कि पिछले कुछ दिनों में कांग्रेस, द्रमुक और भाकपा के नेताओं ने सनातन धर्म के खिलाफ अपमानजनक बयान दिए हैं। उसकी तुलना मच्छरों, डेंगू और मलेरिया से की गयी। द्रमुक नेता (उदयनिधि) ने हिंदुओं के नरसंहार का आह्वान किया और वह गलती मानने को तैयार नहीं हैं।’’

उन्होंने कहा, ‘‘ औरंगजेब के बाद पहली बार, सनातन हिंदुओं के खिलाफ ऐसी धमकी दी गयी.. हम चुप नहीं रह सकते। हम संविधान के ढांचे के तहत इस चुनौती से लड़ेंगे। यह खतरनाक राजनीतिक पहल है।’’

स्वामी सरस्वती ने कहा कि इस मुद्दे पर वाराणसी में संस्कृति संसद में चर्चा की जाएगी।

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