देश की खबरें | कर्नाटक के मुख्यमंत्री येदियुरप्पा को राहत, न्यायालय ने भ्रष्टाचार मामले में गिरफ्तारी पर लगाई रोक

नयी दिल्ली, 27 जनवरी कर्नाटक के मुख्यमंत्री बी एस येदियुरप्पा और पूर्व उद्योग मंत्री मुरुगेश निरानी को राहत देते हुए उच्चतम न्यायालय ने बुधवार को राज्य में भूमि अधिसूचना वापस लेकर कथित जालसाजी करने संबंधी मामले में उनकी गिरफ्तार पर रोक लगा दी।

उच्चतम न्यायालय ने हालांकि कर्नाटक उच्च न्यायालय के पांच जनवरी के उस आदेश पर स्थगन देने से इनकार कर दिया जिसके तहत उसने येदियुरप्पा के खिलाफ आपराधिक शिकायत को बहाल करने की इजाजत दी थी।

शीर्ष अदालत ने कहा, “आप (येदियुरप्पा) एक मौजूदा मुख्यमंत्री हैं। आपके खिलाफ कौन गिरफ्तारी वारंट जारी कर सकता है।”

प्रधान न्यायाधीश एस ए बोब्डे और न्यायामूर्ति ए एस बोपन्ना व वी रामासुब्रमण्यन की एक पीठ ने शिकायतकर्ता ए आलम पाशा और अन्य को नोटिस भी जारी किया। पीठ ने येदियुरप्पा और निरानी की उस याचिका को भी निरीक्षण के लिये स्वीकार कर लिया जिसमें मामले में शिकायत को बहाल करने के उच्च न्यायालय के फैसले को चुनौती दी गई है।

पीठ ने अपने आदेश में कहा, “नोटिस जारी कीजिए। तब तक मामले में गिरफ्तारी पर रोक रहेगी।”

येदियुरप्पा की तरफ से पेश हुए वरिष्ठ अधिवक्ता मुकुल रोहतगी ने कहा कि अपील से यह विधिक सवाल पैदा होता है कि क्या कोई अदालत बिना किसी पूर्व अनुमति के किसी लोक सेवक के खिलाफ भ्रष्टाचार निरोधक अधिनियम के प्रावधानों के तहत इस आधार पर आगे बढ़ सकती है कि उसने वह पद अब छोड़ दिया है जिसका इस्तेमाल उसने कथित तौर पर अपराध के लिये किया था।

उन्होंने यह कहते हुए उच्च न्यायाल के आदेश या निचली अदालत की कार्यवाहियों पर रोक लगाने की मांग की कि प्रक्रिया उच्च न्यायालय के फैसले के बाद शुरू हो।

रोहतगी ने कहा कि निचली अदालत द्वारा जारी गिरफ्तारी वारंट के अनुपालन में येदियुरप्पा गिरफ्तार कर लिए जाएंगे।

पीठ ने कहा, “आप एक मौजूदा मुख्यमंत्री हैं। आपके खिलाफ कौन गिरफ्तारी वारंट जारी कर सकता है? अधिक से अधिक वे आपके लिये अनुरोध पत्र जारी कर सकते हैं।”

सर्वोच्च अदालत ने निरानी की याचिका पर भी ऐसा ही आदेश जारी किया।

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