जरुरी जानकारी | रिलायंस इंडस्ट्रीज के संपत्ति बाजार पर चढ़ाने से साख गुणवत्ता बेहतर होगी: एस एंड पी

नयी दिल्ली, 10 अगस्त एस एंड पी ग्लोबल रेटिंग्स ने सोमवार को कहा कि रिलायंस इंडस्ट्रीज ने पिछले चार महीने में संपत्ति में हिस्सेदारी बेचकर और राइट इश्यू के जरिये जो बड़ी राशि जुटायी है, उससे उसकी साख गुणवत्ता उल्लेखनीय रूप से सुधरनी चाहिए।

रेटिंग एजेंसी ने एक बयान में कहा, ‘‘रिलायंस इंडस्ट्रीज ने जिस स्तर पर और जितनी संपत्ति को बाजार पर चढ़ाया और पैसा जुटाया, वह हमारी उम्मीद से अधिक हो सकती है।’’

यह भी पढ़े | Fire Breaks Out at COVID-19 care centre in Vijayawada: विजयवाड़ा में कोविड-19 फैसिलिटी सेंटर में आग लगने से 7 की मौत, पीएम मोदी ने जताया शोक, राज्य सरकार मृतकों के परिजनों को देगी 50 लाख मुवाजा.

तेल से लेकर दूरसंचार क्षेत्र में काम करने वाली रिलायंस इंडस्ट्रीज ने अपनी हिस्सेदारी बेचकर और राइट इश्यू के जरिये 2.1 लाख करोड़ रुपये जुटाये। फेसबुक ने अप्रैल, 2020 में जियो प्लेटफार्म्स में निवेश की घोषणा की। उसके बाद से रिलांयस ने यह राशि जुटायी।

कंपनी ने जो राशि जुटायी, उसमें 1.52 लाख करोड़ रुपये जियो प्लेटफार्म्स लि. (जेपीएल) में हिस्सेदारी बेचकर जुटायी गयी। इसके अलावा 53,124 करोड़ रुपये का राइट इश्यू और बीपी पीएलसी से ईंधन खुदरा संयुक्त उद्यम के लिये 7,600 करोड़ रुपये जुटाये गये।

यह भी पढ़े | Sushant Singh Rajput Case: रिया चक्रवर्ती के भाई शौविक चक्रवर्ती ED के ऑफिस पहुंचे.

रेटिंग एजेंसी ने कहा, ‘‘ये चीजें बताती हैं कि आरआईएल का समायोजित कर्ज 2020-21 के अंत तक एक लाख करोड़ रुपये से कम होगा। यह हमारी सोच से बेहतर है। इसके तहत माना गया था कि वित्त वर्ष 2022-23 तक समायोजित कर्ज कम होकर 1.7 लाख करोड़ रुपये होगा जो 2019-20 में 2.7 लाख करोड़ रुपये था।’’

इसको देखते हुए एस एंड पी का मानना है कि अगर आरआईएल की कमाई 2020-21 में अनुमान से कम भी रहती है, तो भी उसकी साख गुणवत्ता अगले दो-तीन साल में बेहतर होगी।

(यह सिंडिकेटेड न्यूज़ फीड से अनएडिटेड और ऑटो-जेनरेटेड स्टोरी है, ऐसी संभावना है कि लेटेस्टली स्टाफ द्वारा इसमें कोई बदलाव या एडिट नहीं किया गया है)