जरुरी जानकारी | रिलायंस इंडस्ट्रीज के तेल-रसायन कारोबार में 20 प्रतिशत हिस्सेदारी अरामको को बेचने की योजना अटकी

नयी दिल्ली, 16 जुलाई रिलायंस इंडस्ट्रीज के तेल -रसायन कारोबार में 20 प्रतिशत हिस्सेदारी अरामको को बेचने की योजना अटक गयी है। सऊदी अरब की कंपनी ने दिग्गज उद्योगपति के 75 अरब डॉलर के मूल्यांकन में कम-से-कम 20 प्रतिशत की कमी किये जाने की मांग की है।

मामले से जुड़े सूत्रों ने कहा कि सऊदी अरामको शुरू से ही 20 प्रतिशत हिस्सेदारी के लिये 15 अरब डॉलर

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की मांग को लेकर आपत्ति जता रही थी। कंपनी के तेल से रसायन कारोबार में गुजरात के जामनगर में दो रिफाइनरी, पेट्रोरसायन संयंत्र और 51 प्रतिशत खुदरा ईंधन कारोबार की हिस्सेदारी शामिल हैं।

सूत्रों के अनुसार कोविड-19 महामारी के कारण कच्चे तेल के दाम में गिरावट के साथ अरामको ने फिर से मूल्यांकन की मांग की और कारोबार के लिये मूल्यांकन ज्यादा-से-ज्यादा 57 - 60 अरब डॉलर रखा। इस लिहाज से 20 प्रतिशत हिस्सेदारी के लिये मूल्य 11-12 अरब डॉलर बैठता है।

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अरामको का मानना है कि जामनगर रिफाइनरियों में उल्लेखनीय मात्रा में पेट्रोल, डीजल और विमान ईंधन (एटीएफ) का उत्पादन करने के बजाय तेल को मूल्यवान रसायन में तब्दील करने के लिये उल्लेखनीय निवेश की जरूरत होगी। फिलहाल दोनों रिफाइनरियों में ईंधन उत्पादन हो रहा है।

कंपनी का मानना है कि कच्चे तेल के दाम में नरमी से रिफाइनरी मार्जिन कम हुआ है। ऐसे में कारोबार के फिर से मूल्यांकन की जरूरत है। अरामको को इस बात पर भी आपत्ति है कि रिलायंस के कर्ज को तेल- रसायन कारोबार पर डाल दिया गया।

सूत्रों के अनुसार रिलायंस ने मूल्यांकन फिर से तय करने या कर्ज में कमी लाने के किसी भी कदम का विरोध किया। दोनों पक्षों के अपने-अपने रुख पर कायम रहने के साथ अंबानी ने बुधवार को रिलायंस की सालाना आम बैठक में कहा कि अरामको के साथ सौदे में देरी का कारण ऊर्जा बाजार में अप्रत्याशित परिस्थितियां और कोविड-19 संकट हैं।

उन्होंने न तो यह कहा कि सौदा पटरी पर है या फिर उसे पूरा करने को लेकर कोई समयसीमा के बारे में बताया। रिलांयस से इस बारे में ई-मेल के जरिये मांगी गयी टिप्पणी पर कोई जवाब नहीं मिला है।

अंबानी ने पिछले साल अगस्त में तेल- रसायन कारोबार में 20 प्रतिशत हिस्सेदारी अरामको को 15 अरब डॉलर में बेचने को लेकर बातचीत शुरू होने की घोषणा की थी। उन्होंने उस समय कहा था कि सौदा मार्च 2020 तक पूरा हो जाएगा। लेकिन बातचीत अटक गयी है।

अंबनी ने कंपनी की सालाना रिपोर्ट में कहा है, ‘‘रिलायंस सऊदी अरामको के साथ रणनीतिक भागीदारी की रूपरेखा पूरा करने के लिये काम कर रही है।’’

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