नयी दिल्ली, 26 अक्टूबर अमेरिकी गृह विभाग के अधिकारियों द्वारा अवैध रूप से रह रहे भारतीय नागरिकों को वापस भेजने की घोषणा के एक दिन बाद शनिवार को सूत्रों ने कहा कि यह दोनों देशों के बीच निर्वासन को लेकर सहयोग का नतीजा है।
सूत्रों ने कहा कि इस सहयोग के तहत दोनों पक्ष ‘‘अवैध प्रवास को रोकने’’ की प्रक्रिया में लगे हुए हैं।
अमेरिकी गृह सुरक्षा विभाग (डीएचएस) ने शुक्रवार को एक बयान में कहा कि उसने 22 अक्टूबर को अमेरिकी आव्रजन और सीमा शुल्क प्रवर्तन (आईसीई) के माध्यम से, भारतीय नागरिकों को स्वदेश भेजने के लिए एक उड़ान का संचालन किया।
सूत्रों ने बताया कि यह कदम निर्वासन और आवाजाही को लेकर भारत-अमेरिका सहयोग का परिणाम है।
सूत्रों ने बताया कि विशेष विमान के जरिये भारतीय नागरिकों को वापस भेजना इसी सहयोग का नतीजा है।
उन्होंने कहा कि इस तरह के निर्वासन कई वर्षों से होते आ रहे हैं।
डीएचएस के बयान में कहा गया है कि वित्त वर्ष 2024 में, डीएचएस ने 1,60,000 से अधिक व्यक्तियों को वापस भेजा और भारत समेत 145 से अधिक देशों के लिए 495 से अधिक अंतरराष्ट्रीय उड़ानों का संचालन किया।
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