जरुरी जानकारी | चूककर्ता के धोखाधड़ी करने से संबंधित नए दिशानिर्देश लाएगा आरबीआई

मुंबई, आठ जून भारतीय रिजर्व बैंक (आरबीआई) कर्ज चूककर्ता को धोखाधड़ी करने वाला बताने के पहले प्राकृतिक न्याय के सिद्धांत का पालन करने संबंधी उच्चतम न्यायालय के फैसले को देखते हुए खातों के वर्गीकरण को लेकर जल्द ही संशोधित दिशानिर्देश लेकर आएगा।

आरबीआई के डिप्टी गवर्नर और बैंकिंग निगरानी के प्रमुख मुकेश जैन ने बृहस्पतिवार को यहां संवाददाताओं को यह जानकारी दी। उन्होंने कहा कि उच्चतम न्यायालय के फैसले के अनुरूप एक कर्जदार को धोखाधड़ी करने वाला घोषित करने के पहले प्राकृतिक न्याय का पालन करना होगा।

जैन ने कहा, "हालांकि इस फैसले के खिलाफ भारतीय स्टेट बैंक की तरफ से दायर पुनर्विचार याचिका पर उच्चतम न्यायालय ने यह साफ किया है कि धोखाधड़ी में लिप्त घोषित करने के पहले बैंकों के लिए चूककर्ता को व्यक्तिगत तौर पर पेश होकर पक्ष रखने का मौका देने की जरूरत नहीं है।"

मुख्य न्यायाधीश डी वाई चंद्रचूड़ की अगुवाई वाली पीठ ने गत 13 मई के अपने फैसले में कहा था कि व्यक्तिगत सुनवाई का मतलब चूककर्ता को अपना पक्ष रखने का समुचित समय देने से है।

डिप्टी गवर्नर ने कहा कि उच्चतम न्यायालय के इस निर्णय को ध्यान में रखते हुए आरबीआई चूककर्ता को धोखाधड़ी में लिप्त घोषित करने से संबंधित दिशानिर्देश की संबंधित हितधारकों के साथ समीक्षा कर रहा है और बहुत जल्द नए दिशानिर्देश लेकर आएगा।

हालांकि उन्होंने यह साफ किया कि उच्चतम न्यायालय का यह फैसला रिजर्व बैंक से विनियमित होने वाली सभी वित्तीय इकाइयों के ऊपर लागू होता है।

प्रेम

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