श्रीनगर, 17 जुलाई रक्षा मंत्री राजनाथ सिंह ने शुक्रवार को यहां एक उच्च स्तरीय बैठक में जम्मू कश्मीर की संपूर्ण सुरक्षा स्थिति की समीक्षा की।
पूर्वी लद्दाख के दौरे के बाद सिंह एकीकृत रक्षा प्रमुख जनरल बिपिन रावत, सेना प्रमुख जनरल एम एम नरवणे के साथ दोपहर को यहां पहुंचे।
अधिकारियों ने बताया कि इस बैठक में जनरल रावत और जनरल नरवणे के अलावा जम्मू कश्मीर के उपराज्यपाल जी सी मुर्मू, चिनार कोर के कोर कमांडर लेफ्टिनेंट जनरल बी एस राजू और पुलिस महानिदेशक दिलबाग सिंह भी मौजूद थे।
उनके अनुसार वरिष्ठ सुरक्षा अधिकारियों ने रक्षा मंत्री को पाकिस्तान से लगती नियंत्रण रेखा की स्थिति एवं आतंकवाद निरोधक अभियानों के बारे में बताया।
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पिछले कुछ महीने से नियंत्रण रेखा पर बिना किसी उकसावे के पाकिस्तान की ओर से संघर्षविराम उल्लंघन की घटनाएं बढ़ गयी हैं।
इस माह के प्रारंभ में भारत ने नियंत्रण रेखा एवं अंतरराष्ट्रीय सीमा पर पाकिस्तानी सुरक्षाबलों द्वारा संघर्षविराम का उल्लंघन किये जाने को लेकर पाकिस्तान के सामने कड़ा विरोध दर्ज कराया था। अधिकारियों के अनुसार ये संघर्षविराम उल्लंघन मुख्यत: आतंकवादियों को जम्मू कश्मीर में भेजने के लिए किये जाते हैं।
आधिकारिक आंकड़े के अनुसार जून तक बिना उकसावे के पाकिस्तान द्वारा की गयी संघर्ष विराम उल्लंघन की 2,432 से अधिक घटनाओं में 14 भारतीय नागिरक मारे गये जबकि 88 घायल हो गये।
भारत कहता रहा है कि बिना उकसावे के होने वाले संघर्ष विराम उल्लंघन 2003 में दोनों देशों के बीच हुए संघर्ष विराम समझौते के विपरीत है।
अधिकारियों ने कहा कि सैन्य अभियान महानिदेशकों के चैनल समेत विभिन्न माध्यमों से चिंता सामने रखने के बाद भी पाकिस्तान ने ऐसी गतिविधियां नहीं रोकी हैं।
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