देश की खबरें | राजस्थान: सवाई माधोपुर सीट पर कांग्रेस, भाजपा, निर्दलीय उम्मीदवार के बीच त्रिकोणीय मुकाबला

सवाई माधोपुर, 17 नवंबर राजस्थान विधानसभा चुनाव में, रणथम्भौर बाघ अभयारण्य के पास स्थित इस शहर में चुनावी मुकाबले में पारिस्थितिकी या पर्यावरण के मुद्दे नहीं, बल्कि जातीय समीकरण निर्णायक हो सकते हैं।

सभी की नजरें सवाई माधोपुर सीट पर है, जहां भारतीय जनता पार्टी (भाजपा) की ओर से राज्यसभा सदस्य किरोड़ी लाल मीणा और कांग्रेस के मौजूदा विधायक दानिश अबरार चुनाव मैदान में हैं।

मीणा समुदाय, मुसलमानों और गुर्जरों की अच्छी खासी तादाद वाले इस निर्वाचन क्षेत्र में भाजपा की बागी नेता आशा मीणा ने मुकाबले को दिलचस्प बना दिया है।

आशा भाजपा से टिकट नहीं मिलने के बाद निर्दलीय उम्मीदवार के तौर पर चुनाव लड़ रही हैं। साल 2018 के विधानसभा चुनाव में वह भाजपा के टिकट पर अबरार से हार गई थीं।

यह पूर्वी राजस्थान की महत्वपूर्ण सीट है और त्रिकोणीय मुकाबला होने के कारण सभी की निगाहें इस पर टिकी हुई हैं।

सवाई माधोपुर में 2,36,199 पंजीकृत मतदाता हैं, जिनमें से 1,63,584 ने साल 2018 में हुए चुनाव में मतदान किया था। उस चुनाव में कांग्रेस के अबरार ने 85,655 वोट हासिल कर भाजपा की आशा को 25,000 से अधिक मतों से हराया था।

अबरार को मुसलमानों, गुर्जरों और अन्य समुदायों से अच्छी-खासी संख्या में वोट मिले थे, जबकि मीणा समुदाय के ज्यादातर मतदाताओं ने आशा मीणा को वोट दिया था।

इस बार अबरार को गुर्जर वोट पाने में मुश्किल हो रही है क्योंकि उन्होंने 2020 में अशोक गहलोत सरकार के खिलाफ बगावत में सचिन पायलट का साथ नहीं दिया था।

वहीं, भाजपा उम्मीदवार मीणा समुदाय के वोटों के विभाजन का सामना कर रहे हैं क्योंकि समुदाय आशा के स्थानीय होने के कारण उनका समर्थन कर रहा है।

भाजपा ने आस-पड़ोस के निर्वाचन क्षेत्रों में सकारात्मक प्रभाव डालने के लिए मीणा समुदाय के दिग्गज नेता किरोड़ी लाल मीणा (72) को मैदान में उतारा है। इसके अलावा, आदिवासी समुदाय में भी उनका दबदबा है।

किरोड़ी लाल मीणा को “डॉक्टर साहब” और “बाबा” जैसे उपनामों से जाना जाता है। वह हाल में राज्य की राजनीति के केंद्र में रहे हैं क्योंकि उनके नेतृत्व में भाजपा ने भ्रष्टाचार को लेकर गहलोत सरकार के खिलाफ मोर्चा खोला है।

ईडी जैसी केंद्रीय एजेंसियां अक्सर उनके आरोपों पर कार्रवाई करती रही हैं और मुख्यमंत्री अशोक गहलोत ने इसका हवाला देते हुए भाजपा पर जांच एजेंसियों के दुरुपयोग का आरोप लगाया है।

किरोड़ी लाल ने ‘पीटीआई-’ से कहा, ''गहलोत के इशारे पर साजिश के तहत बागी उम्मीदवार खड़ा किया गया है।''

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