देश की खबरें | राजस्थान: भाजपा विधायकों तथा बर्खास्त मंत्री गुढ़ा के हंगामे के कारण विधानसभा की कार्यवाही बाधित

जयपुर, 24 जुलाई राजस्थान में मंत्रिमंडल से बर्खास्त किए गए मंत्री राजेंद्र गुढ़ा तथा मुख्‍य विपक्षी दल भारतीय जनता पार्टी (भाजपा) के विधायकों के हंगामे के कारण विधानसभा की कार्यवाही सोमवार को बाधित हुई और बैठक एक बार के स्थगन के बाद दोपहर करीब तीन बजे तक के लिए स्थगित कर दी गई।

शून्यकाल शुरू होते ही मंत्री पद से बर्खास्त किए गए विधायक राजेंद्र गुढ़ा लाल रंग की एक 'डायरी' लेकर विधानसभा अध्यक्ष डॉ सीपी जोशी के सामने पहुंचे। उन्होंने वह डायरी अध्यक्ष को देना चाहा लेकिन जोशी ने उन्हें अनुमति नहीं दी। जोशी ने गुढ़ा से उनके कक्ष में आने को कहा।

इसके बाद गुढ़ा संसदीय कार्यमंत्री शांति धारीवाल की ओर बढ़े तथा दोनों में कुछ बहस हुई। कांग्रेस विधायक रफीक खान ने गुढ़ा को एक तरफ किया। सत्ता पक्ष के कई मंत्री भी वहां पहुंच गए। इस दौरान माहौल काफी गर्मागर्मी वाला दिखा।

सदन में विपक्षी दल भाजपा के विधायकों ने 'लाल डायरी' को लेकर जवाब मांगते हुए नारेबाजी की। विपक्ष के कई विधायकों ने प्रतीकात्मक 'लाल डायरी' ले रखी थीं। इसके बाद जोशी ने सदन की कार्यवाही स्थगित करने की घोषणा की। बाद में सूचित किया गया कार्यवाही दो बजे तक स्थगित की गई है।

दो बजे सदन की बैठक शुरू होने पर ‘लाल डायरी’ लिए हुए भाजपा सदस्यों का हंगामा और नारेबाजी जारी थी। कुछ भाजपा विधायक आसन के सामने आकर नारेबाजी करने लगे, और कुछ ने कागज फाड़कर भी फेंके।

विधानसभा अध्यक्ष जोशी ने हंगामे के बीच ही कुछ विधेयक ध्वनिमत से पारित कराए। फिर उन्होंने अपराह्न दो बज कर करीब 25 मिनट पर कार्यवाही एक घंटे के लिए स्थगित कर दी। गुढ़ा इस दौरान सदन में नहीं आए।

सुबह हंगामे के बाद कार्यवाही दोपहर दो बजे तक स्थगित किए जाने के बाद गुढ़ा ने सदन के बाहर संवाददाताओं से कहा कि वह अपनी 'लाल डायरी' सदन के पटल पर रखना चाहते थे लेकिन अध्यक्ष ने इसकी अनुमति नहीं दी। गुढ़ा ने कहा, ‘‘अध्यक्ष ने मुझे बोलने की इजाजत नहीं दी। संसदीय कार्य मंत्री धारीवाल ने बोलना शुरू किया। मैंने धारीवाल से कहा कि मैं बोलना चाहता हूं, मुझे बर्खास्त किया गया है।’’

गुढ़ा ने अपने इलाके में हुई एक कथित घटना की ओर इशारा करते हुए कहा, ‘‘मैं इस घटना से आहत था और इस पर बोलना चाहता था। मुझ पर आरोप लगाए गए कि मैं भाजपा से मिला हुआ हूं। मुझसे माफी मांगने को कहा गया। मैं पूछना चाहता हूं कि मैं किस चीज की माफी मांगू, मेरी गलती क्या है? ’’

उन्होंने कहा, ‘‘मेरी डायरी छीन ली गई। मुझ पर हमला कर मुझे नीचे गिरा दिया गया। मुझे मार्शल ने नहीं बल्कि कांग्रेस के मंत्रियों ने बाहर निकाला। डायरी का आधा हिस्सा विधानसभा में मुझसे छीन लिया गया। लेकिन इसका आधा हिस्सा अभी मेरे पास है।’’

उन्होंने कहा, ‘‘मैं कोई भी कुर्बानी देने के लिए तैयार हूं। मैं लड़ाई लड़ूंगा, जनता के बीच जाऊंगा लेकिन किसी भी कीमत पर पीछे नहीं हटूंगा।’’

बर्खास्त मंत्री ने संवाददाताओं से कहा कि यह डायरी उन्हें राजस्थान पर्यटन विकास निगम (आरटीडीसी) के अध्यक्ष धर्मेंद्र राठौड़ के आवास पर आयकर विभाग के छापे के दौरान मिली थी। गुढ़ा ने कहा कि छापे के दौरान मुख्यमंत्री अशोक गहलोत ने उन्हें डायरी सुरक्षित करने के लिए राठौड़ के आवास पर जाने के लिए कहा था और उन्होंने ऐसा ही किया।

गुढ़ा ने दावा किया कि धर्मेंद्र राठौड़ द्वारा लिखी गई डायरी में ‘अनियमित वित्तीय लेनदेन’ का ब्यौरा है और इसमें मुख्‍यमंत्री तथा उनके बेटे का नाम है।

उन्होंने संवाददाताओं के बार बार कहे जाने के बावजूद अपने पास मौजूद डायरी खोल कर नहीं दिखाई।

नेता प्रतिपक्ष राजेंद्र राठौड़ ने पत्रकारों से कहा कि सदन में जो हुआ वह शर्मनाक है। राठौड़ ने कहा, ‘‘गुढ़ा बयान देना चाहते थे। वह अपनी बात रखना चाहते थे और उन्हें अनुमति दी जानी चाहिए थी।’’

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