देश की खबरें | हिमाचल के राजभवन को जनता के लिए खोला गया, पहले दिन 60 सरकारी स्कूलों के छात्र आए

शिमला, 19 अगस्त हिमाचल प्रदेश के राजभवन को शनिवार को आम लोगों के लिए खोल दिया गया और पहले दिन करीब 60 छात्रों ने इस ऐतिहासिक भवन का दीदार किया।

राजभवन को ऐतिहासिक ढांचा करार देते हुए हिमाचल प्रदेश के राज्यपल शिव त्रप्रताप शुक्ल ने एक बयान में कहा, ‘‘मैंने राजभवन को आम लोगों के लिए खोलने की पहल की ताकि वे इस ऐतिहासिक इमारत की भव्यता के साथ-साथ अधिक समझ सके।’’

पहले दिन सरकारी स्कूलों के छात्रों ने राजभवन को देखा और इस दौरान इस इमारत में होने वाले अहम कार्यक्रमों की जानकारी दी गई। बच्चों ने शुक्ल और उनकी पत्नी जानकी शुक्ल से भी संवाद किया।

राजभवन पर तैयार लघु वृत्तचित्र भी छात्रों को दिखाया गया।

मौजूदा राजभवन की इमारत को पहले बर्नेस कोर्ट के नाम से जाना जाता था और इसका निर्माण ट्यूडर वास्तुशैली में किया गया है। बर्नेस कोर्ट इसमें रहने वाले पहले अधिकारी एडवर्ड बर्नेस के नाम पर रखा गया था। बर्नेस ब्रिटिश भारतीय सेना के कमांडर इन चीफ थे जिन्होंने इस इमारत में 1832 में निवास किया था।

इसके बाद यह ब्रिटिश भारतीय सेना के कई कमांडर-इन-चीफ का निवास स्थान रहा।

इसी इमारत में 1972 में भारत और पाकिस्तान के बीच शिमला समझौता हुआ था और तत्कालीन प्रधानमंत्री इंदिरा गांधी और पाकिस्तानी प्रधानमंत्री जुल्फीकार अली भुट्टो ने इस समझौते पर हस्ताक्षर किए थे।

शुक्ल ने कहा कि पहले राजभवन का प्रोटोकॉल पर्यटकों और स्थानीय लोगों को इमारत में दाखिल होने से रोकता था लेकिन अब न केवल पर्यटकों को आने की अनुमति दी गई है बल्कि यह शिमला के ऐतिहासिक स्थानों में भी शुमार होगा।

उन्होंने कहा कि राष्ट्रपति द्रौपदी मुर्मू द्वारा जनता के लिए राष्ट्रपति निवास खोले जाने के फैसले से वह प्रेरित हुए हैं।

राष्ट्रपति मुर्मू ने 20 अप्रैल को शिमला के बाहरी इलाके स्थित राष्ट्रपति निवास को आम जनता के लिए खोलने की घोषणा की थी।

बयान के मुताबिक राजभवन प्रत्येक सप्ताहांत अपराह्न दो बजे से शाम पांच बजे तक आम लोगों के लिए खुला रहेगा।

यहां जारी एक बयान के अनुसार, राज्य के स्कूली छात्रों और 10 वर्ष से कम उम्र के सभी बच्चों के लिए राजभवन में प्रवेश निःशुल्क होगा, जिसके लिए उन्हें वैध पहचान पत्र दिखाना होगा।

बयान में कहा गया है कि राज्य के विश्वविद्यालयों और कॉलेजों के छात्रों और राज्य के बाहर के आगंतुकों को 30 रुपये का शुल्क देना होगा। विदेशियों के लिए प्रवेश शुल्क 60 रुपये होगा।

बयान के मुताबिक दिव्यांगों और राष्ट्रीय और राज्य स्तर के पुरस्कार विजेताओं के लिए भी राजभवन में प्रवेश निःशुल्क होगा। प्रवेश शुल्क के साथ अधिकतम छह तस्वीरों की सॉफ्ट कॉपी और राजभवन की जानकारी देने वाली पुस्तिका निःशुल्क प्रदान की जाएगी।

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