देश की खबरें | कुछ इलाकों में हुई वर्षा : जल्द ही पूरे उत्तर प्रदेश में बारिश होने का अनुमान
एनडीआरएफ/प्रतीकात्मक तस्वीर (Photo Credits: ANI)

लखनऊ, 27 जुलाई उत्तर प्रदेश में पिछले 24 घंटों के दौरान कुछ इलाकों में हल्की बारिश हुई लेकिन ज्यादातर हिस्सों में बारिश का इंतजार कर रहे लोगों को उमस भरी गर्मी का सामना करना पड़ा।

बांधों से पानी छोड़े जाने के कारण उफनायी नदियां ज्यादातर स्थानों पर अब धीरे—धीरे उतार पर हैं, लेकिन प्रदेश के पूर्वी हिस्सों के अनेक इलाके इनकी बाढ़ से घिरे हैं।

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आंचलिक मौसम केन्द्र की रिपोर्ट के मुताबिक पिछले 24 घंटों के दौरान राज्य के कुछ हिस्सों में वर्षा हुई। इस दौरान निघासन (खीरी) में तीन सेंटीमीटर तथा बलरामपुर और मेरठ में दो—दो सेंटीमीटर बारिश दर्ज की गयी।

अगले 24 घंटों के दौरान राज्य के पूर्वी हिस्सों में अनेक स्थानों पर तथा पश्चिमी इलाकों के कुछ क्षेत्रों में बारिश होने का अनुमान है। अगले 48 घंटों के दौरान प्रदेश के ज्यादातर हिस्सों में वर्षा होने की सम्भावना है।

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इस बीच, केन्द्रीय जल आयोग की रिपोर्ट के मुताबिक घाघरा नदी एल्गिनब्रिज (बाराबंकी) में खतरे के निशान को पार कर गयी है, जबकि तुर्तीपार (बलिया) में यह पहले से ही लाल निशान से ऊपर बह रही है। अयोध्या में इसका जलस्तर अब भी खतरे के निशान के नजदीक बना हुआ है।

राप्ती नदी बर्डघाट (गोरखपुर) में खतरे के निशान से काफी ऊपर बह रही है, जबकि रिगौली (गोरखपुर) और बांसी (सिद्धार्थनगर) में इसका जलस्तर खतरे के निशान के नजदीक पहुंच चुका है।

इसके अलावा कवानो नदी चंद्रदीपघाट (गोंडा), बस्ती तथा मुखलिसपुर (संतकबीर नगर) में, गण्डक नदी खड्डा (कुशीनगर) में, बूढ़ी राप्ती ककरही (सिद्धार्थ नगर) और कुन्हरा नदी उसकाबाजार (सिद्धार्थ नगर) में खतरे के निशान से ऊपर बह रही हैं।

नदियों की बाढ़ से गोरखपुर, गोंडा और बाराबंकी समेत कई पूर्वी हिस्सों के अनेक इलाके बाढ़ के पानी से घिर गये हैं। प्रशासन ने बाढ़ से निपटने के प्रयास शुरू किये हैं।

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