नयी दिल्ली, 17 अगस्त रेलवे देश के पूर्वी और पश्चिमी हिस्सों के औद्योगिक क्षेत्रों को दक्षिण भारत से जोड़ने के लिए करीब 4,000 किलोमीटर के प्रतिबद्ध मालढुलाई गलियारों (डीएफसी) का निर्माण करेगा।
इसमें देश के पूर्वी और पश्चिमी हिस्सों को दक्षिण भारत के साथ ओड़िशा और आंध्र प्रदेश के प्रमुख बंदरगाहों के जरिये जोड़ा जाएगा। इन गलियारों पर एक दस्तावेज से यह जानकारी मिली है।
यह भी पढ़े | TMC MLA Samaresh Das dies: पश्चिम बंगाल में TMC विधायक समरेश दास की कोरोना संक्रमण से मौत.
प्रस्तावित डीएफसी रेलवे की अगली बड़ी बुनियादी ढांचा परियोजनाओं का हिस्सा हैं
इनमें....खड़गपुर (प. बंगाल) से विजयवाड़ा (आंध्र प्रदेश) को जोड़ने वाला 1,115 किलोमीटर का पूर्वी तटीय गलियारा, भुसावल-नागपुर-खड़गपुर-दानकुनी (कोलकाता के पास) मार्ग को जोड़ने वाला 1,673 किलोमीटर का पूर्व-पश्चिम गलियारा और 195 किलोमीटर का राजखर्सवान-कालीपहाड़ी-अंडल (प. बंगाल) को जोड़ने वाला गलियारा शामिल हैं।
यह भी पढ़े | CONFIRMED: करीना कपूर और सैफ अली खान दोबारा बनने जा रहे हैं पैरेंट्स, साथ मिलकर फैंस को बताया गुड न्यूज.
तीसरा 975 किलोमीटर का उत्तर दक्षिण उप गलियारा है। यह विजयवाड़ा-नागपुर-इटारसी (मध्य प्रदेश) मार्ग को जोड़ेगा। डेडिकेटेड फ्रेट कॉरिडोर कॉरपोरेशन ऑफ इंडिया लि़ (डीएफसीसीआईएल) जल्द इन गलियारों के सर्वे का काम शुरू करेगी। वह इस प्रक्रिया को एक साल में पूरा करेगी।
ये गलियारे ओड़िशा के पारादीप, धामरा, गोपालपुर बंदरगाहों तथा आंध्र प्रदेश में विशाखापत्तनम, गंगावरम, काकीनाडा, कृष्णापत्तनम और मछलीपत्तनम बंदरगाहों को संपर्क उपलब्ध कराएंगे। इनसे माल की ढुलाई तेज हो सकेगी और रेलवे नेटवर्क की क्षमता बढ़ सकेगी।
(यह सिंडिकेटेड न्यूज़ फीड से अनएडिटेड और ऑटो-जेनरेटेड स्टोरी है, ऐसी संभावना है कि लेटेस्टली स्टाफ द्वारा इसमें कोई बदलाव या एडिट नहीं किया गया है)













QuickLY