नयी दिल्ली, 26 मई कांग्रेस नेता राहुल गांधी ने इस साल के कान फिल्म महोत्सव की भारतीय विजेताओं--फिल्मकार पायल कपाड़िया और अभिनेत्री अनसूया सेनगुप्ता को रविवार को बधाई दी।
कपाड़िया ने ‘ग्रैंड प्रिक्स’ पुरस्कार, जबकि सेनगुप्ता ने सर्वश्रेष्ठ अभिनेत्री का पुरस्कार जीता है।
कांग्रेस नेता ने ‘एक्स’ पर एक पोस्ट में कहा, ‘‘77वें कान फिल्म महोत्सव में भारतीय सितारें चमक रहे हैं! प्रतिष्ठित ग्रैंड प्रिक्स पुरस्कार जीतने के लिए पायल कपाड़िया और 'ऑल वी इमेजिन ऐज़ लाइट' की पूरी टीम को बधाई।’’
उन्होंने कहा, ‘‘अनसूया सेनगुप्ता को 'द शेमलेस' में उनके अभिनय के लिए ‘अन सर्टेन रिगार्ड’ श्रेणी के तहत सर्वश्रेष्ठ अभिनेत्री का पुरस्कार जीतने के लिए बधाई।’’
राहुल ने कहा, ‘‘इन महिलाओं ने इतिहास रच दिया और पूरे भारतीय फिल्म जगत को प्रेरित किया है।’’
शनिवार को संपन्न हुआ कान फिल्म महोत्सव का 77वां संस्करण बेशक देश के लिए सबसे अच्छा वर्ष था, जिसे आठ भारतीय या भारत-थीम वाली फिल्मों के माध्यम से महोत्सव में जगह मिली।
‘ऑल वी इमेजिन ऐज़ लाइट’ 30 वर्षों में पहली भारतीय फिल्म है और मुख्य प्रतियोगिता में प्रदर्शित होने वाली किसी भारतीय महिला निर्देशक की पहली फिल्म है।
मलयालम-हिंदी फीचर फिल्म की कहानी मुंबई की तीन महिलाओं के इर्द-गिर्द घूमती है, जो सड़क मार्ग से तटीय शहर की एक यात्रा पर जाती हैं। फिल्म में कानी कुश्रुति, दिव्या प्रभा और छाया कदम ने मुख्य भूमिका निभाई है।
भारतीय फिल्म एवं टेलीविजन संस्थान (एफटीआईआई) की पूर्व छात्रा कपाड़िया ने ग्रैंड प्रिक्स पुरस्कार जीतने वाली पहली भारतीय फिल्मकार बनकर इतिहास रच दिया। वहीं, फिल्म महोत्सव का सबसे प्रतिष्ठित पुरस्कार अमेरिकी निर्देशक सीन बेकर की फिल्म ‘अनोरा’ को मिला।
प्रोडक्शन डिजाइनर सेनगुप्ता ने बुल्गारिया के निर्देशक कॉन्स्टेंटिन बोजानोव की ‘‘द शेमलेस’’ में महत्वपूर्ण भूमिका निभाई है। सेनगुप्ता ‘अन सर्टेन रिगार्ड’ श्रेणी में सर्वश्रेष्ठ अभिनेत्री का पुरस्कार जीतने वाली पहली भारतीय हैं।
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